सनातन धर्म में हर दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित किया गया है. साथ ही हर दिन किसी न किसी ग्रह से भी संबंधित माना जाता है. गुरुवार का दिन बहुत विशेष माना जाता है. ये दिन जगत के पलानहार भगवान विष्णु को समर्पित किया गया है. इस दिन विधि-विधान से नारायण की पूजा की जाती है. साथ ही व्रत किया जाता है.
गुरुवार का दिन भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए अच्छा दिन माना जाता है. सनातन मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्री हरि विष्णु की पूजा और व्रत करने से जीवन खुशहाल बना रहता है. गुरुवार का दिन भगवान विष्णु के साथ ही बृहस्पति देव का भी माना जाता है. ऐसे में इस दिन के कुछ नियम भी धर्म शास्त्रों में बताए गए हैं. छह ऐसे काम हैं, जिनको गुरुवार को करना महापाप माना गया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि ये छह काम कौन से हैं, जिनको गुरुवार को नहीं करना चाहिए?
ना करें ये काम
➤गुरुवार के दिन पुत्र से जुड़े कार्य नहीं करें. क्योंकि बृहस्पति को संतान और संतान सुख से जुड़ा ग्रह माना जाता है, इसलिए इस पुत्र से संबंधित काम नामकरण और अन्य कार्य करने से मना किया जाता है.
➤गुरुवार के दिन केला, तुलसी और पीपल के पेड़ की कटाई-छंटाई नहीं करें. इस दिन पौधों की छंटाई या पेड़ काटना वर्जित है. ऐसा करने वालों को गुरु दोष लग सकता है.
➤गुरुवार के दिन बाल, दाढ़ी और नाखून कटवाने से मना किया जाता है. ऐसा करने पर गुरु की शक्ति क्षीण हो सकती है. ऐसा होने पर नौकरी और शिक्षा में परेशानियां आ सकती हैं.
➤गुरुवार के दिन पीले रंग के कपड़े, झाड़ू, स्टील के बर्तन आदि खरीदने से रोका जाता है. इससे आमदनी प्रभावित हो सकती है. ये घर में दरिद्रता की वजह बन सकती है.
➤विवाहित लोग गुरुवार को क्रोध से बचें. बृहस्पतिवार को गृह क्लेश करने पर दांपत्य जीवन में खटास आ सकती है, क्योंकि गुरु गृहस्थ जीवन का प्रतीक बताए जाते हैं.
➤इस दिन गुरु, वरिष्ठ परिजनों या वृद्ध व्यक्ति का अपमान न करें. कटु वचन न कहें. ऐसा करने से कुंडली में गुरु खराब हो सकते हैं.
















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