खलीफा खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को बताया अपराधी, कहा- बख्शेंगे नहीं

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ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू होने के बाद से हालात काफी तनावपूर्ण और अशांत बने हुए हैं. पिछले महीने के आखिर में शुरू हुए सरकार विरोधी प्रदर्शन अब भी जारी हैं. ये प्रदर्शन शुरुआ में महंगाई, रियाल की गिरावट और बिजली-पानी की कटौती से जुड़े थे. लेकिन जल्द ही ये सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के शासन के खिलाफ और इस्लामी गणतंत्र के खात्मे की मांग में बदल गए.

ईरान में मौतों के लिए ट्रंप जिम्मेदार- खामेनेई

अब खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को उपद्रवी, विदेशी एजेंट और अमेरिकी साजिश का हिस्सा बताया है. ट्रंप को ‘अपराधी’ बताते हुए खामेनेई ने ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान बदनामी, मौतें और नुकसान के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया.

ईरान के सर्वोच्च नेता ने दावा किया कि वाशिंगटन ने इस अशांति को रचा था. यह नई एंटी-ईरान साजिश इसलिए अलग थी क्योंकि इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति खुद शामिल हो गए. खामेनेई ने कहा कि अमेरिका और ट्रंप व्यक्तिगत रूप से ईरान में हुए प्रदर्शनों के पीछे थे.

‘हम अमेरिकी राष्ट्रपति को मानते हैं अपराधी’

ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, खामेनेई ने कहा, ‘हम अमेरिकी राष्ट्रपति को अपराधी मानते हैं. हम ट्रंप को उन मौतों, नुकसानों और बदनामी के लिए अपराधी मानते हैं जो उन्होंने ईरानी राष्ट्र पर थोपी.’

खामेनेई ने आरोप लगाया कि अमेरिकियों ने ये घटनाएं प्लान की थीं. उनका लक्ष्य ईरान पर कब्जा था. ट्रंप खुद इस अशांति में शामिल हुए, बयान दिए और दंगाइयों को प्रोत्साहित किया. ट्रंप ने कहा कि हम सैन्य सहायता प्रदान करेंगे.

‘अशांति फैलाने वालों को नहीं छोड़ा जाएगा’

खामेनेई ने ईरान में हुए प्रोटेस्ट को लोकप्रिय विद्रोह के रूप में पेश करने की भी निंदा की. उन्होंने ट्रंप पर ‘उपद्रवियों’ को ईरानी लोग बताकर गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया. उन्होंने उन्होंने हालात पर काबू पाने के लिए अधिकारियों की प्रतिक्रिया की तारीफ की. साथ ही अमेरिका को चेतावनी दी.

ईरान के सुप्रीम लीडर ने कहा कि देश में अशांति के पीछे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को नहीं छोड़ा जाएगा. ईरानी राष्ट्र ने जैसे दंगों की कमर तोड़ी. वैसे ही उन लोगों की भी कमर तोड़नी चाहिए जिन्होंने इसे भड़काया.

अमेरिकी रोल से भड़के हुए हैं कट्टरपंथी

रिपोर्ट के मुताबिक, खामेनेई का यह आक्रामक लहजा ट्रंप के नरम रुख के विपरीत था. जिन्होंने सार्वजनिक रूप से ईरानी नेताओं को हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की सामूहिक फांसी न देने के लिए धन्यवाद दिया. ईरान के कट्टरपंथी नेताओं और मिलिट्री अफसरों ने खामेनेई के आरोपों का समर्थन किया है.

खामेनेई समर्थक मौलवियों और नेताओं ने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों के लिए कड़ी सजा की मांग की है. साथ ही ट्रंप और इजरायल को नतीजे भुगतने की धमकियां भी दी हैं.

ईरान हिंसा में अब तक ढाई हजार मौतों की आशंका

कई दिनों की झड़प और हिंसा के बाद अब ईरान के कुछ शहरों में सामान्य स्थिति वापस लौट रही है. हालांकि माहौल में तनाव कोई भी महसूस कर सकता है. प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए सभी शहरों में सुरक्षा बलों की भारी मौजूदगी बनी हुई है. अमेरिका फिलहाल युद्ध न करने की बात कर रहा है लेकिन वह कब अपनी बात से पलट जाए, इसके बारे में कोई नहीं बता सकता.

बताते चलें कि ईरान में शुरू हुए ये प्रदर्शन 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से अब तक के सबसे बड़े और सबसे हिंसक माने जा रहे हैं. प्रदर्शनकारी डिक्टेटर मुर्दाबाद और शाह जिंदाबाद जैसे नारे लगा रहे हैं.महिलाएं खामेनेई की तस्वीरें जलाकर फोटो ट्रेंड कर रही हैं.

इन प्रदर्शनों को काबू करने के लिए ईरानी सरकार भारी बल प्रयोग कर रही है. जिसमें अब करीब ढाई हजार लोगों की बात कही जा रही है. जबकि सैकड़ों लोगों को अरेस्ट कर जेलों में ठूंस दिया गया है.

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