गाजा पीस बोर्ड के लिए ट्रंप ने दिया PM मोदी को न्योता, भारत को मिली बड़ी जिम्मेदारी

Spread the love

अमेरिका ने भारत को गाजा बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का निमंत्रण दिया है. यह बोर्ड अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना का दूसरा चरण है, जिसका उद्देश्य इस्राइल-हमास युद्ध को पूरी तरह से समाप्त करना है. युद्धविराम के बावजूद खबरें सामने आ रही हैं कि इजरायल लगातार गाजा में हमला कर रहा है.

ट्रंप ने गुरुवार को गाजा बोर्ड ऑफ पीस के दूसरे चरण के गठन की घोषणा की, जिसे वे इस युद्ध को खत्म करने के लिए एक अहम कदम मानते हैं.

यह बोर्ड गाजा के रोजमर्रा के मामलों को संभालने के लिए एक तकनीकी समिति का ऑब्जर्वेशन करेगा और यह युद्धविराम फ्रेमवर्क का हिस्सा होगा. बोर्ड का उद्देश्य गाजा क्षेत्र में स्थिरता लाना और वहां के रिकंस्ट्रक्शन के लिए स्ट्रैटेजी बनाना है. ट्रंप की योजना के तहत, गाजा को फिर से रहने लायक़ बेहतर बनाने के लिए आवश्यक धनराशि जुटाई जाएगी, जिससे क्षेत्र की स्थिति हर स्तर पर बेहतर हो सके.

अमेरिका ने भारत के अलावा कम से कम चार अन्य देशों को भी इस बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण दिया है. एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, जो इस योजना के चार्टर से परिचित हैं, यदि कोई देश स्थायी सदस्यता चाहता है तो उसे 1 अरब अमेरिकी डॉलर का योगदान देना होगा, जबकि तीन साल के लिए सदस्यता प्राप्त करने के लिए कोई फाइनेंशियल कमिटमेंट जरूरी नहीं है.

यह कदम वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका और इसके महत्वपूर्ण जियोपॉलिटिकल प्रभाव को दर्शाता है. वर्तमान में दुनिया में चल रहे संघर्षों के बीच भारत का यह स्थान स्थिरता और संधि प्रक्रिया में एक सक्रिय भागीदार बनने की ओर इशारा करता है.

ट्रंप की यह पहल क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए एक बड़ी कोशिश है, जिसमें भारत जैसे विश्वस्तरीय प्रमुख देशों की भागीदारी से उम्मीदें बढ़ गई हैं. गाजा बोर्ड ऑफ पीस के माध्यम से क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर शांति और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की संभावना है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *