बुलंदशहर में छुट्टी के बाद चार साल के बच्चे को कक्षा में बंद कर चले गए शिक्षक, इंचार्ज समेत 3 सस्पेंड

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UP के बुलंदशहर जिले में शिक्षकों की बड़ी लापरवाही सामने आई है. खुर्जा क्षेत्र के गांव दिनौल के प्राथमिक विद्यालय में एक चार वर्षीय मासूम की जान पर बन गई. स्कूल की छुट्टी होने के बाद शिक्षक एक छात्र को कक्षा में बंद करके चले गए. रास्ते में जा रहे एक ग्रामीण ने जब बच्चे के रोने की आवाज सुनी तो उसने इसके बारे में अन्य ग्रामीणों को बताया. आनन-फानन में पहुंचे परिजनों ने स्कूल के मुख्य गेट और कक्षा का ताला तोड़कर किसी तरह मासूम को बाहर निकाला. सोशल मीडिया पर भी इसका वीडियो वायरल हो गया. उधर, सूचना मिलते ही तहसीलदार और और बीईओ मौके पर पहुंचे. बीएसए ने मामले में बीईओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रधानाध्यापक सहित तीन शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है.

गांव दिनौल स्थित प्राथमिक विद्यालय 75 छात्र पंजीकृत हैं. गांव निवासी सोनू ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी देविका और बेटे सोयम का कक्षा एक के लिए नामांकन कराया था. शुक्रवार को सोयम अपनी बहन के साथ स्कूल गया था. छुट्टी होने के बाद दोपहर एक बजे देविका घर आ गई, जबकि सोयम कक्षा में सोता रह गया. शिक्षकों ने छुट्टी होने के बाद कक्षाओं में नहीं देखा और कक्षा व स्कूल का ताला लगाकर घर को चले गए. करीब सवा दो बजे गांव निवासी ग्रामीण दिनेश स्कूल के निकट से निकलकर जा रहा था, तो उसने वहां बच्चे के रोने की आवाज सुनी. जिस पर कक्षा में झांकते हुए देखा तो बच्चा बंद था. किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया है. ग्रामीण एकत्र हो गए और उन्होंने ताला तोड़कर पसीने में तर-बतर बच्चे को कक्षा से बाहर निकाला. इस दौरान परिजनों व ग्रामीणों ने शिक्षकों पर लापरवाही आरोप लगाया.

बीएसए ने प्रधानाध्यापक और शिक्षकों पर की कर्रवाई: वहीं, सूचना मिलते ही तहसीलदार सचिन कुमार और बीईओ अमित कुमार गुप्ता मौके पर पहुंचे. बीएसए ने वीरेंद्र कुमार ने भी तत्काल मामले को संज्ञान में लेते हुए बीईओ से प्रकरण में रिपोर्ट तलब कर ली थी. बीएसए ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाहक प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार, सहायक अध्यापिका सीमा व अंशुमान को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करते हुए इन्हें दूसरे ब्लॉकों के स्कूलों में संबद्ध कर दिया है.

बीएसए ने बताया कि शिक्षकों की इसमें लापरवाही उजागर हुई है. उधर बीएसए वीरेंद्र कुमार का कहना है कि इस मामले में प्रधानाध्यापक सहित तीन शिक्षकों को सस्पेंड का दिया है. ऐसी लापरवाही बिल्कुल बर्दास्त नहीं की जाएगी. बीईओ से तत्काल मामले में रिपोर्ट मांगी गई थी. इसी के आधार पर कार्यवाही की गई है.

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