आज गजानन संकष्टी चतुर्थी है. यह त्योहार हर साल सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. यह पर्व भगवान गणेश की पूजा होती है. संकष्टी तिथि को गणेश जी की आराधना करने के लिए सर्वश्रेष्ठ अवसर माना जाता है. इस दिन व्रत-उपासना कर किसी भी शुभ कार्य को सिद्ध किया जा सकता है. कहते हैं कि इस दिन गजानन की विधिवत पूजा से मनोवांछित फल की प्राप्ति हो सकती है. आइए जानते हैं कि गजानन संकष्टी चतुर्थी पर आज भगवान गणेश की पूजा कैसे करें
गजानन संकष्टी चतुर्थी शुभ मुहूर्त
सावन माह के कृष्ण पक्ष की की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 24 जुलाई को सुबह 07 बजकर 30 मिनट पर होगी. और 25 जुलाई को सुबह 04 बजकर 19 मिनट पर चतुर्थी तिथि का समापन होगा. उदिया तिथि के चलते गजानन संकष्टी चतुर्थी 24 जुलाई यानी आज ही मनाई जाएगी.
गजानन संकष्टी चतुर्थी की पूजन विधि
संकष्टी चतुर्थी के दिन सुबह स्नानादि के बाद व्रत का संकल्प लें. गणेश भगवान की पूरी विधि-विधान से पूजा-अर्चना करें. उन्हें तिल, गुड़, लड्डू और चंदन अर्पित करें. गजानन को दूर्वा और मोदक भी अत्यंत प्रिय है, इसलिए इन चीजों को अर्पित करना बिल्कुल न भूलें. इसके बाद ‘ॐ गं गणपतये नम:’ मंत्र का जाप, गणेश स्तुति, गणेश चालीसा और संकट चौथ व्रत कथा पढ़नी चाहिए. पूजा खत्म होने के बाद गणेश जी की आरती जरूर पढ़ें. रात में चांद निकलने से पहले गणेश भगवान की फिर से पूजा करें. चंद्रोदय के बाद दुग्ध से चंद्रदेव को अर्घ्य देकर पूजन करें और फलाहार ग्रहण करें.
गजानन संकष्टी चतुर्थी पर लगाएं भोग
– ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर आपके विवाह में किसी तरह की कोई बाधा आ रही है, तो गजानन संकष्टी चतुर्थी के दिन गणेश जी को मालपुओं का भोग लगाने से जल्द लाभ होगा. इससे विवाह में आ रही बाधाएं दूर होंगी और व्यक्ति के विवाह के योग जल्द बनेंगे.
– गजानन संकष्टी चतुर्थी के दिन सुबह स्नान करने के बाद बप्पा की विधिपूर्वक पूजा करें. इस समय मोदक और मोतीचूर के लड्डू का भोग लगाएं. साथ ही, भोग मंत्र का उच्चारण करना न भूलें. इससे गणपति बप्पा प्रसन्न होते हैं. शास्त्रों के अनुसार गणेश को लड्डू बेहद प्रिय हैं. इससे वैवाहिक जीवन में खुशियों का आगमन होता है.
– वहीं, अगर आप अपनी कोई कामना पूरी करवाना चाहते हैं, तो आज गजानन संकष्टी चतुर्थी का दिन बेहद खास बताया गया है. इस खास अवसर पर पूजा के दौरान गणेश जी को खीर, फल और मिठाई आदि का भोग लगाएं. मान्यता है कि इन चीजों का भोग लगाने से व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति होती है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है.
भोग के समय करें इस मंत्र का जाप
त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये। गृहाण सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर ।।
इस मंत्र का अर्थ है कि गणपति बप्पा हमारा भोग स्वीकार करें और हम पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखने की कृपा करें.
भगवान गणेश के 5 चमत्कारी मंत्र
1. ॥ ॐ गं गणपतये सर्व कार्य सिद्धि कुरु कुरु स्वाहा ॥
2. ॥ ॐ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात् ॥
3. ‘ॐ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिको फट् स्वाहा।’
4. ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरु गणेश। ग्लौम गणपति, ऋद्धि पति, सिद्धि पति. करो दूर क्लेश ।।
5. ॐ श्रीं गं सौभ्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं में वशमानय स्वाहा।
















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