प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 16वें ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने रूस के शहर कजान पहुंच चुके हैं. वह इस सम्मेलन से इतर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर रहे हैं. लेकिन इससे पहले कजान पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया. रूसी समुदाय के लोगों ने हिन्दी में कृष्ण भजन गाकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया. इस दौरान रूसी नागरिक हाथ जोड़े खड़े रहे और इसके जवाब में प्रधानमंत्री मोदी भी हाथ जोड़े रहे. कुछ रूसी समुदाय के लोगों ने अपने हाथों में तिरंगा थाम रखा था.
प्रधानमंत्री मोदी के रूसी राष्ट्रपति पुतिन के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात सहित कई द्विपक्षीय बैठकें करने की संभावना है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए यह तीन दिवसीय सम्मेलन यूक्रेन में रूस की कार्रवाई को लेकर उसे अलग-थलग करने के अमेरिकी नेतृत्व वाले प्रयासों की विफलता को दर्शाने का एक शक्तिशाली तरीका है. रूस के राष्ट्रपति कार्यालय ‘क्रेमलिन’ के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने शिखर सम्मेलन को रूस द्वारा विदेश नीति पर आयोजित ‘‘अब तक का सबसे बड़ा आयोजन’’ बताया, जिसमें 36 देश भाग ले रहे हैं और उनमें से 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष हैं.
ब्रिक्स में शुरू में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे, लेकिन अब इसमें ईरान, मिस्र, इथियोपिया, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब भी शामिल हो गए हैं. तुर्किये, अजरबैजान और मलेशिया ने औपचारिक रूप से सदस्य बनने के लिए आवेदन किया है तथा कुछ अन्य देशों ने भी इसमें शामिल होने में रुचि दिखाई है.













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