यूपी के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर के लखनऊ वाले घर में चोरी हुई है. चोरी करने वाला कोई बाहरी नहीं, बल्कि राजभर के बेटे अरविंद का ड्राइवर है. 2 महीने तक मंत्री के परिवार ने वारदात को छिपाए रखा. FIR तक नहीं कराई.
मामला मंगलवार को तब सामने आया, जब आरोपी ड्राइवर रामजीत को पुलिस ने उसके घर से हिरासत में लिया. वह वारदात के बाद फरार हो गया था. रामजीत अम्बेडकरनगर के टांडा थाना क्षेत्र के मोहिउद्दीनपुर गांव का रहने वाला है.
सोमवार को अरविंद के दूसरे ड्राइवर संजय राजभर ने लखनऊ के हुसैनगंज कोतवाली में शिकायत दी है. हुसैनगंज इंस्पेक्टर आरके गुप्ता ने बताया- कल रात में तहरीर मिली है. FIR दर्ज कर जांच की जा रही है.

तीन करोड़ रुपए चोरी की बात गलत
अरविंद राजभर ने वीडियो जारी कर कहा- अफवाह चल रही है कि आरोपी ड्राइवर तीन करोड़ रुपए चोरी करके ले गया है. यह गलत है. वह हमारे दूसरे ड्राइवर के इलाज के लिए रखे 2 लाख 75 हजार रुपए अपने साथ ले गया. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है। पुलिस अपना काम कर रही है.
इंस्पेक्टर टांडा दीपक सिंह ने बताया- लखनऊ पुलिस के इनपुट पर आरोपी ड्राइवर को हिरासत में लिया गया है. मंत्री के घर से कैश और गहने लेकर उनका ड्राइवर अपने घर आ गया था. कुछ सामान बरामद हुआ है. वहीं, आरोपी ड्राइवर की पत्नी का आरोप है कि कुछ लोग मंत्री ओम प्रकाश राजभर की कार से आए थे. वे जबरन पति को कार में बैठाकर ले गए। पैसों का कुछ विवाद बता रहे थे. पुलिस ने हमारे घर में सामान बिखेर दिए.

उस शिकायती पत्र को पढ़िए, जो ड्राइवर संजय राजभर ने दिया
आरोपी ड्राइवर रामजीत के खिलाफ लखनऊ के कोतवाली हुसैनगंज में शिकायत संजय राजभर ने की है. संजय बलिया के रसड़ा थाना इलाके के कोटवारी गांव का रहने वाला है. वह भी मंत्री राजभर के यहां ड्राइवर है.
उसने बताया- लखनऊ में सदर बाजार के पुराना किला स्थित डायमंड अपार्टमेंट में अरविंद राजभर का फ्लैट है. पिछले महीने मैंने मेंदाता अस्पताल में अपने मुंह के कैंसर का ऑपरेशन कराया था. डिस्चार्ज के बाद पत्नी के साथ अपार्टमेंट में रहकर फॉलोअप करा रहा हूं. 2 सितंबर को सुबह करीब 9 बजे ड्राइवर रामजीत राजभर अपार्टमेंट पर आया. मुझसे पूछा कि अभी तुम यहां कब तक हो। मैं अभी जा रहा हूं, फिर मुझे यहां आना है. मैंने उसे बताया कि मुझे वापस आने में ज्यादा समय लग जाएगा, क्योंकि काफी जांच होनी हैं.

फिर वह अपने काम से कहीं चला गया। उसके जाने के थोड़ी देर बाद मैं अपनी पत्नी के साथ अस्पताल चला गया. 9:56 बजे रामजीत ने फोन किया. पूछा- चाबी कहां रखकर गए हो। मैंने उससे बताया कि चाबी गार्ड के पास है, तुम जाकर ले लो.
शाम करीब चार बजे जब मैं वापस आया और दरवाजा खोलकर अंदर गया तो देखा कि सभी सामान बिखरा पड़ा था. मेरे रूम में रखे बैग की चैन भी खुली थी जिसमें इलाज के लिए तीन लाख रुपए रखे थे. जिसमें से 25,000 रुपए लेकर अस्पताल गया था. बाकी 2,75,000 रुपए और पत्नी की सोने की 1 चैन, दो सोने की अंगूठी, गायब थी.
जब मैंने रामजीत राजभर को फोन लगाया तो उसका नंबर बंद बता रहा था. इस चोरी में रामजीत राजभर के साथ कुक गोरख साहनी भी शामिल है.















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