मार्गशीर्ष महीने को हिंदू शास्त्रों में सर्वाधिक पवित्र माना गया है. इसे लेकर भगवान ने गीता में कहा है- ‘महीनों में, मैं मार्गशीर्ष हूं.’ इसी महीने से सतयुग का आरंभ माना जाता है. इस बार मार्गशीर्ष का महीना 16 नवंबर से 15 दिसंबर तक रहने वाला है. इसे अगहन का महीना भी कहा जाता है. सनातन धर्म में सभी महीने किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित होता है. इसी तरह मार्गशीर्ष का महीना श्री कृष्ण को समर्पित होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस माह में विधि विधान से पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है और समस्याएं दूर होती हैं. इस महीने में कुछ उपाय कर सकते हैं जिससे कृष्ण जी भी प्रसन्न होंगे और जीवन की कई समस्याओं से छुटकारा मिलेगा. आइए जानते हैं…
मार्गशीर्ष माह कितना लाभकारी?
इस महीने में मंगलकार्य विशेष फलदायी होते हैं. इस महीने में श्रीकृष्ण की उपासना और पवित्र नदियों में स्नान विशेष शुभ होता है. संतान के लिए वरदान बहुत सरलता से मिलता है. साथ ही, चन्द्रमा से अमृत तत्व की प्राप्ति भी होती है. इस महीने भजन-कीर्तन करने का फल अमोघ होता है.
इस महीने किन बातों का ध्यान रखें?
इस महीने तेल मालिश बहुत उत्तम होती है. इस महीने से स्निग्ध चीजों का सेवन शुरू कर देना चाहिए. इसमें जीरे का सेवन नहीं करना चाहिए. मोटे वस्त्रों का उपयोग आरम्भ कर देना चाहिए. संध्याकाल की उपासना अवश्य करनी चाहिए. नित्य गीता का पाठ करना उत्तम होता है. जहां तक संभव हो भगवान कृष्ण की उपासना करें. किसी पवित्र नदी में स्नान का अवसर मिले तो अवश्य करें.
1. करें इस मंत्र का जाप: मार्गशीर्ष महीने में ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप विधि विधान से करना चाहिए. आप इस मंत्र का 108 बार जाप करें, आपको जरूर लाभ देखने को मिलेगा.
2. गंगा स्नान: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मार्गशीर्ष महीने में गंगा स्नाना करना बहुत अच्छा माना जाता है. इससे भगवान कृष्ण का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और सभी तरह के दोष से मुक्ति मिल जाती है.
3. एकादशी का रखें व्रत: मार्गशीर्ष महीने में कृष्ण में पक्ष में उत्पन्ना एकादशी और शुक्ल पक्ष में मोक्षदा एकादशी का व्रत किया जाता है. इन दोनों एकादशी का व्रत रखने से श्री कृष्ण प्रसन्न होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है. शास्त्रों के अनुसार मोक्षदा एकादशी पर भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता सुनाई थी.
4. सूर्यदेव को दें अर्घ्य: मार्गशीर्ष माह में नियमित रूप से सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए. मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति के रुके हुए कार्य पूरे हो जाते हैं.
5. शंख की पूजा: मार्गशीर्ष के महीने में विशेष रूप से शंख की पूजा-अर्चना करनी चाहिए. इससे कृष्ण जी अपनी विशेष कृपा बनाए रखते हैं और जीवन में सुख-शांति का वास होता है. इसके अलावा शंख के पानी का छिड़काव करने से नकारात्मक शक्ति दूर हो जाती है.
मार्गशीर्ष माह में आने वाले व्रत-त्योहार
16 नवंबर 2024 (शनिवार)- वृश्चिक संक्रांति
18 नवंबर 2024 (सोमवार)- गणाधिप संकष्टी चतुर्थी
21 नवंबर 2024 (गुरुवार)- गुरु पुष्य योग
26 नवंबर 2024 (मंगलवार)- उत्पन्ना एकादशी
28 नवंबर 2024 (गुरुवार)- प्रदोष व्रत (कृष्ण)
29 नवंबर 2024 (शुक्रवार)- मासिक शिवरात्रि
1 दिसंबर 2024 (रविवार)- मार्गशीर्ष अमावस्या
5 दिसंबर 2024 (गुरुवार)- विनायक चतुर्थी
6 दिसंबर 2024 (शुक्रवार)- विवाह पंचमी
11 दिसंबर 2024 (बुधवार)- मोक्षदा एकादशी, गीता जयंती
13 दिसंबर 2024 (शुक्रवार)- प्रदोष व्रत (शुक्ल), अनंग त्रयोदशी
14 दिसंबर 2024 (शनिवार)- दत्तात्रेय जयंती
15 दिसंबर 2024 (रविवार)- धनु संक्रांति, मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत, अन्नपूर्णा जयंती
















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