UP के संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा भड़काने वालों पर पुलिस ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है. उपद्रवियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने रात भर छापेमारी की तो वहीं अब समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क और स्थानीय विधायक के बेटे सोहेल इकबाल के खिलाफ केस दर्ज किया है. सपा सांसद पर आरोप है कि उन्होंने सुनियोजित तरीके से इस हिंसा को भड़काया. इसके लिए उन्होंने मस्जिद के बाहर भीड़ को इकट्ठा किया और फिर उसे उकसाया, जिसके बाद इतने बड़े स्तर पर हिंसा हुई.

जिला अदालत के आदेश के बाद संभल की शाही जामा मस्जिद के अंदर सर्वे का काम चल रहा था. सर्वे के दौरान अचानक भारी संख्या में लोग मस्जिद के बाहर इकट्ठा हो गए और नारेबाजी करने लगे. इसके बाद पुलिस की टीम पर पथराव शुरू कर वाहनों में आग लगा दी. पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और लाठियों का इस्तेमाल किया. इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई.
हिंसा में शामिल लोगों को उकसाया गया: अधिकारी
मुरादाबाद संभागीय आयुक्त ने कहा, “सर्वेक्षण शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन कुछ लोग मस्जिद के पास एकत्र हो गए और नारे लगाने लगे. जब पुलिस ने इलाके को खाली कराने का प्रयास किया, तो भीड़ में शामिल उपद्रवियों के एक समूह ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. हिंसा में शामिल लोगों को उकसाया गया था, जिनका उद्देश्य शांति को बाधित करना था. उपद्रवी धीरे-धीरे हिंसक होते गए. उन्होंने पुलिस को निशाना बनाना शुरू कर दिया.”
हिंसा में इन 4 लोगों की गई जान
संभल हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई. मृतकों की पहचान नईम, बिलाल अंसारी, नौमान और मोहम्मद कैफ के रूप में हुई. नौमान और बिलाल अंसारी को रात 11 बजे सुपुर्द-ए-खाक किया गया. हिंसा को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत की गई है. एक निजी संस्था ने संभल में पुलिस की फायरिंग से 4 युवकों की मौत का आरोप लगाते हुए वीडियो भी आयोग को भेजा गया है.















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