वकीलों ने जमीन कब्जाने वाले दागी अधिवक्ताओं के सपोर्ट में घेरा पुलिस कमिश्नर का दफ्तर

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कानपुर पुलिस कमिश्नर के दागी अधिवक्ताओं के खिलाफ अभियान शुरू करते ही अधिवक्ताओं का एक गुट मंगलवार को पुलिस कमिश्नर दफ्तर पहुंचा और हंगामा-नारेबाजी शुरू की लेकिन पुलिस की सख्ती देखते हुए ज्ञापन देकर पदाधिकारी वापस लौट आए..

पुलिस कमिश्नर ने अभियान के तहत कानपुर प्रेस क्लब के पूर्व महामंत्री कुशाग्र पांडेय की पहली अरेस्टिंग की है. कुशाग्र मौजूदा समय में कचहरी में सक्रिय थे और वकालत शुरू कर दी थी. मेघदूत होटल मालिक की जमीन कब्जाने के केस में कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज करके जेल भेज दिया.

जमीनों पर कब्जा करने वाले वकीलों के सिंडीकेट पर अब होगा एक्शन

पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने बताया कि कानपुर में चंद दागी पत्रकार, दागी पुलिस वाले और वकीलों के गैंग ने पूरे शहर का लॉ एंड ऑर्डर बिगाड़ रखा है. इसमें क्रम में सिविल लाइंस में नजूल की 1 हजार करोड़ की जमीन कब्जाने के मामले में सबसे बड़ा एक्शन करते हुए कानपुर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित को जेल भेजा था. दागी पत्रकारों के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन करते हुए कइयों को जेल भेजा। फिर घूसखोर पुलिस वालों के खिलाफ निलंबन, एफआईआर दर्ज करके जेल भेजने के साथ ही विभागीय कार्रवाई का दौर शुरू है.

अरेस्टिंग के विरोध में मंगलवार दोपहर को कानपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष इंदीवर बाजपेई और महामंत्री अमित सिंह सैकड़ों अधिवक्ताओं के साथ पुलिस कमिश्नर ऑफिस पहुंचे. कार्रवाई के विरोध में घेराव करने का प्रयास किया. कुशाग्र की अरेस्टिंग को लेकर विरोध जताया. पूरे मामले में निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस कमिश्नर को एक ज्ञापन भी सौंपा और शांतिपूर्वक लौट गए.

टॉप-10 दागी अधिवक्ता रडार पर आए

कानपुर पुलिस सूत्रों की मानें तो जमीनों पर कब्जा करने वाले टॉप-10 दागी अधिवक्ताओं को पुलिस ने अपने रडार पर लिया है. इसमें चकेरी, साउथ सिटी और नवाबगंज में जमीनों पर कब्जा करने वाला गैंग है. ये सभी गैर प्रैक्टिसनर अधिवक्ता हैं और काले कोट की आड़ में जमीनों पर कब्जा करने का सिंडीकेट चला रहे हैं.

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