उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को अयोध्या पहुंचे और उन्होंने संभल में उपद्रवियों से हमदर्दी जताने वालों पर तीखा हमला बोला. सीएम योगी ने यहां रामायण मेले का उद्घाटन करते हुए कहा, बाबर का संभल और बांग्लादेश में हिंसा करने वालों का डीएनए एक ही है. बाबर के संभल का बांग्लादेश कनेक्शन है. मालूम हो कि संभल में हिंसा और उपद्रवियों पर गोली चलाने को लेकर विपक्ष हमलावर है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी मारे गए युवकों को बेकसूर बताया है. सपा ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की है. भाजपा ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि बहराइच हो या संभल, सपा हमेशा दंगाइयों और उपद्रवियों के साथ खड़े दिखती है.
CM योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को भी कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक में ऐसे ही तेवर दिखाए थे. उन्होंने दो टूक कहा था कि संभल हो या कोई अन्य जिला, अराजकता फैलाने की छूट किसी को नहीं दी जाएगी. संभल का एक भी उपद्रवी बचना नहीं चाहिए. इससे पहले भी सीएम योगी ने बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर बेबाकी से राय रखी थी. साथ ही बंटेंगे तो कटेंगे और एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे का नारा भी वहीं से निकला था. हरियाणा से महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव तक इसका असर भी देखा गया. यूपी विधानसभा उपचुनाव में भी हिन्दुत्व वोटों के ध्रुवीकरण का असर ये रहा कि भाजपा 7-2 से मैदान जीत गई.
मुंबई के लिए रवाना होंगे
CM योगी गुरुवार सुबह 10:55 बजे अयोध्या के रामकथा पार्क के पास हेलीपैड पर पहुंचे. उन्होंने 11 बजे रामायण मेले का शुभारंभ किया. उद्घाटन समारोह के बाद सीएम योगी हनुमानगढ़ी और रामलला के दरबार में दर्शन-पूजन किया. साथ ही राममंदिर निर्माण की प्रगति का जायजा लिया. इसके बाद वे दोपहर 12:45 बजे अयोध्या से मुंबई के लिए रवाना होंगे, जहां वो देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथग्रहण समारोह में शामिल होंगे.
रामायण मेले की परिकल्पना किसने रखी
1982 में शुरू हुए इस रामायण मेले की परिकल्पना प्रसिद्ध समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया ने की थी. इस वर्ष के मेले में गीत-संगीत, रामलीला, पखावज वादन, लोक गायन और नृत्य नाटिका जैसी प्रस्तुतियां होंगी. विभिन्न जिलों के 20 से अधिक कलाकार मेले में भाग लेंगे.
चार दिवसीय रामायण मेले का मुख्य आकर्षण यह है:
5 दिसंबर: रामलीला (हरे रामदास, अयोध्या), पखावज वादन, भजन गायन
6 दिसंबर: लोक गायन व नृत्य नाटिका (संजोली पांडेय, क्षमा वर्मा)
7 दिसंबर: भजन गायन (वीरेंद्र सिंघल), लोक गायन, नृत्य नाटिका
8 दिसंबर: जादू प्रस्तुति, भजन गायन (मगन मिश्रा), नृत्य नाटिका
















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