विपक्षी इंडिया गठबंधन के दो बड़े दलों में इन दिनों कुछ खटास दिख रही है. कांग्रेस को लेकर सपा पहले की तरह सहज नहीं दिख रही है. इन सबके बीच कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में बड़े संगठनात्मक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने यूपी में प्रदेश, जिला, शहर और ब्लॉक स्तर की सभी कमेटियों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है. पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की तरफ से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में यह बताया गया है.

आखिर विधानसभा चुनाव पर है नजर?
कांग्रेस की तरफ से प्रदेश में यह बदलाव विधानसभा चुनाव की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए किया गया है. पार्टी की रणनीति के अनुसार, नई कमेटियों का गठन नए सिरे से किया जाएगा. उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने हाल ही में प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर संगठन के विस्तार और मजबूती की रूपरेखा तैयार की थी.
लोकसभा चुनाव के बाद पुनर्गठन की शुरुआत
हालांकि लोकसभा चुनाव के बाद से ही कांग्रेस ने संगठन को विस्तार देने की योजना बनाई थी. इसी क्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे ने केंद्रीय कमेटी की बैठक में प्रदेश से लेकर ब्लॉक स्तर तक पुनर्गठन का निर्देश दिया था. उत्तर प्रदेश में अब इसे लागू किया जा रहा है. यह कदम पार्टी के संगठन को मजबूत बनाने और आगामी चुनावों में प्रभावी प्रदर्शन के लिए उठाया गया है. कांग्रेस के इस निर्णय को प्रदेश में पार्टी की सक्रियता और चुनावी तैयारियों के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है.
लेकिन सपा से क्यों जोड़ा जा रहा इसे..
हुआ यह कि इन दिनों सपा और कांग्रेस एक दूसरे को लेकर उतने सहज नजर नहीं आ रहे हैं. कांग्रेस की तरफ से यह आदेश आया. अभी महज एक दिन पहले ही सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव इस बात पर नाराज बताए गए थे क्योंकि कांग्रेस ने लोकसभा में अयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद की सीट को बदल दिया था. इससे पहले अवधेश प्रसाद राहुल गांधी के साथ पहली पंक्ति में नजर आए थे. वहीं अखिलेश ने भी कुछ दिन पहले एक इंटरव्यू में कांग्रेस पर निशाना साधा था कि उनके लोग प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनसे सवाल पूछते हैं.















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