मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कानपुर में 337 जोड़ों ने एक-दूजे का हाथ थामा। इसमें कई जोड़ों ने सिर्फ फोटो में दिखाने के लिए ही शादी की। कानपुर के बिधनू ब्लॉक में आयोजित विवाह समारोह में वर-वधू खुद ही वरमाला पहनकर फोटो खींचवाते दिखे। यही नहीं
. इस मामले में कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। बिधनू ब्लॉक के वीडियो में वर-वधू ने खुद ही माला पहनते दिख रहे हैं और माला डाले हुए फोटो खिंचवा रहे हैं। 2 जोड़ों ने कहा- गेस्ट हाउस बदला, इसलिए हम लेट हुए इस मामले पर जब वीडियो में दिखने वाले जोड़ों से बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि ब्लाक के कर्मचारियों ने 3 दिन पहले यानी 11 दिसंबर को सामूहिक विवाह समारोह में आने के लिए कहा था। मगर वैरिफिकेशन के बाद लौटा दिया गया। 14 दिसंबर को एक गेस्ट हाउस में शादी के लिए बुलाया गया।
जो जोड़े लेट पहुंचे, उन्हें बिना रस्म निभाए बस माला पहनाकर फोटो खींचवा ली गईं। शादी करने पहुंचे सौरभ (बदला हुआ नाम) ने बताया कि जब हम लोग 10 बजे गेस्ट हाउस पहुंचे। वहां मौजूद कर्मचारियों ने कहा- सामूहिक विवाह स्थल को बदला गया है। हम नए गेस्ट हाउस में पहुंचे, वहां हम लेट थे, विवाह नहीं कराया गया। हम लोगों ने विरोध दर्ज कराया तो कर्मचारियों ने कहा – जल्दी-जल्दी वरमाला खुद ही पहन लो। तब हम लोगों ने खुद ही वरमाला पहन ली। परिजन बोले- सहालग आने पर विधिवत शादी कराएंगे यहां पता करने पर एक और पेंच का पता चला। इस विवाह के बाद 2 वधुएं ससुराल की जगह मायके लौट गईं। परिजनों ने बताया कि खरमास शुरू हो गया है। सहालग आने पर विधिवत शादी कराएंगे। फिर बिटिया को ससुराल भेजेंगे। मांग की जगह माथे पर लगाया सिंदूर शिवराजपुर में हुए सामूहिक विवाह में पंडितों ने वर-वधुओं से फेरे लेने का आह्वान करते हुए मंत्रोच्चारण शुरू किया तो कई जोड़े फेरे लेने के बजाय वहीं खड़े हो गए।
















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