कानपुर के सरकारी अस्पताल से बच्चा चोरी कराने की कोशिश के मामले में पुलिस ने बिजली विभाग के सब डिवीजन ऑफिसर (SDO) को गिरफ्तार किया है. आरोपी एसडीओ की तैनाती हमीरपुर के मौदहा में है.
घटना 10 मई, 2026 की है. एक एएनएम बच्चे को चोरी करके अस्पताल से भाग रही थी. तभी बच्चे की मां ने शोर मचा दिया. लोगों ने एएनएम को पकड़ लिया. अगले दिन उसे जेल भेज दिया गया.
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. एएनएम से पूछताछ में हमीरपुर के मौदहा में तैनात एसडीओ आरके वर्मा का नाम सामने आया. आरके वर्मा कानपुर के घाटमपुर का रहने वाला है. उसकी दो बेटियां हैं. वह बेटे की चाहत में बच्चा चोरी करवाना चाहता था.
उसने एएनएम को बच्चा चोरी करने के लिए 5 लाख रुपए देने का लालच दिया था. पुलिस ने आरके वर्मा को 9 अगस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत ने बताया कि-“जांच के दौरान SDO ने बेटे की चाहत में एएनएम को पांच लाख रुपये देकर बच्चा चोरी कराने की बात स्वीकार की है. पुलिस ने न्यायालय में पेशकर जेल भेज दिया है. पुलिस मामले की गहनता से जांच की जा रही है.”

अस्पताल स्टाफ ने बच्चे को ले जा रही महिला से पूछताछ की तो वह टालमटोल करने लगी.
घाटमपुर थाना क्षेत्र के बम्हौरी गांव के रहने वाले अवनीश किसान हैं. उनकी पत्नी मंजू (22) को डिलीवरी के लिए 10 मई को घाटमपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया. उसी शाम को मंजू ने बेटे को जन्म दिया. इसके बाद मां और बच्चे को जच्चा-बच्चा वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया.
रात करीब 10 बजे एक महिला वार्ड में पहुंची। वह काफी देर से वहां घूम रही थी. उसने खुद को स्टाफ नर्स बताया। फिर जांच के बहाने बच्चे को गोद में उठा लिया. मंजू कुछ समझ पातीं, उससे पहले महिला बाहर निकल गई.
मंजू ने तुरंत पति अवनीश को फोन किया। अवनीश वार्ड के बाहर ही थे. महिला बच्चे को लेकर अस्पताल गेट की तरफ जाने लगी. तभी अवनीश और सिक्योरिटी गार्ड ने उसे पकड़ लिया. सूचना पर पुलिस पहुंची और महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की.
पूछताछ में पता चला कि महिला पिछले एक हफ्ते में करीब 5 बार घाटमपुर सीएचसी आई थी. वह जच्चा-बच्चा वार्ड में भी जाती थी। आशंका है कि वह पहले से बच्चा चोरी की योजना बना रही थी. वह गर्भवती महिलाओं से बात करती और उनका हालचाल पूछती थी. शक से बचने के लिए स्टाफ रूम की ओर भी जाती थी. इसलिए लोग उसे नर्स समझते थे.

बच्चा चोरी के आरोपी SDO को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया.
एक सप्ताह में 5 बार सीएचसी आई थी महिला: घाटमपुर पुलिस की पूछताछ में महिला ने अपना नाम गीता देवी और पति का नाम विनोद बताया। खुद को बांदा के बबेरू थाना क्षेत्र के अनुवान गांव की रहने वाली बताया. शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करती रही.
पहले खुद को कानपुर, फिर हमीरपुर और बांदा का रहने वाला बताया। पुलिस ने जब पते की जांच की तो जानकारी गलत निकली। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपनी असली पहचान बताई। पुलिस के मुताबिक, गीता पिछले एक सप्ताह में करीब 5 बार घाटमपुर सीएचसी आई थी।
3 महीने की जांच के बाद SDO तक पहुंची पुलिस: बच्चा चोरी के आरोप में एएनएम गीता के खिलाफ अपहरण और मानव तस्करी की धाराओं में केस दर्ज हुआ. उसे जेल भेज दिया गया. इसके बाद भी पुलिस ने जांच जारी रखी। गीता से भी लगातार पूछताछ की गई. जांच में हमीरपुर के मौदहा में तैनात बिजली विभाग के SDO आरके वर्मा का नाम सामने आया.
पुलिस के मुताबिक, आरके वर्मा मौदहा के बिजली सब स्टेशन में करीब 6 महीने से तैनात है. आरके वर्मा बेटे की चाहत में बच्चा चोरी करवाना चाहता था. उसने एएनएम गीता को 5 लाख रुपए देने का लालच दिया था.
















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