कानपुर आसपास 15 जनवरी तक रहेगी ऐसी ही कड़ाके की ठंड, पाला पड़ने की संभावना

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कानपुर में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है. रात में पाला भी पड़ने लगा है. मौसम विभाग की मानें तो 15 जनवरी तक कड़ाके की ठंड रहेगी. पाला पड़ने की भी संभावना है. चिकित्सकों ने हृदय, सांस रोगियों को विशेष रूप से ठंड से बचने की सलाह दी है.

मौसम विभाग की ओर से तड़के मार्निंग वॉक पर जाने और देर रात यात्रा करने वालों के लिए चेतावनी जारी की गई है. लोगों से कहा गया है कि सुबह सात बजे के बाद टहलने निकलें. साथ ही रात को 10 बजे से पहले तक सुरक्षित जगह पर पहुंच जाएं. चिकित्सकों ने नहाते समय सीधे सिर पर पानी न डालने और हृदय, सांस और दूसरे रोगियों को ठंड से विशेष रूप से बचने की सलाह दी है. वहीं, सीएमओ ने सभी सीएचसी, पीएचसी केंद्रों में अलाव की व्यवस्था के अलावा रैन बसेरों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं. गुरुवार को कार्डियोलॉजी में हार्टअटैक के लक्षण वाले 38 रोगियों को भर्ती किया गया.

पाला पड़ने की संभावना बढ़ गई

मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि जैसे-जैसे रात का तापमान नीचे जा रहा है, पाला पड़ने की संभावना बढ़ गई है. ऐसे में देर रात और भोर में लोगों को यात्रा करने से बचने की जरूरत है. उन्होंने बताया कि पाला से फसलों को बचाने के लिए उसमें सिंचाई करने की आवश्यकता है. उन्होंने बताया कि पाला पड़ने की वजह से फसलों की कोशिकाओं में मौजूद पानी जमकर बर्फ बन जाता है जिससे कोशिका की दीवारें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं. पाला का सबसे ज्यादा असर सब्जियों, पपीता, आम, अमरूद पर होता है. फसलों को पाले से बचने के लिए उसके आसपास धुआं करना चाहिए.

UP में सबसे ठंडे कानपुर- इटावा, रात का पारा @ 4.6 डिग्री

लद्दाख और जम्मू-कश्मीर की पहाड़ियों पर जमकर हुई बर्फबारी ने यूपी के मैदानी क्षेत्रों में हाड़ कंपाने वाली ठंड बढ़ा दी है. शुक्रवार को कानपुर मंडल पूरे प्रदेश में सबसे ठंडा रहा. कानपुर और इटावा जनपद का न्यूनतम पारा सबसे कम 4.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.

ठंड का ऐसा ही असर 15 जनवरी तक

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बनी रहने से तापमान थोड़ा बहुत बढ़ता भी है, तब भी ठंड का असर 15 जनवरी तक इसी तरह रहने की संभावना है. कानपुर का अधिकतम तापमान 16.2 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया. मौसम विभाग के अनुसार नदियों के किनारे बसे शहरों में ठंड के दौरान धुंध और कोहरे का असर तेज रहता है. यहां पर हवा में नमी की मात्रा अधिक होने धुंध लगातार बनी हुई है.

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