13 या 14 जनवरी, कब है मकर संक्रांति? 19 साल बाद अद्भुत संयोग, इन 3 राशि के जातकों को महालाभ

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मकर संक्रांति हिन्दुओं का प्रमुख पर्व होता है. पौष मास में जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, तब ये पर्व मनाया जाता है. इस साल मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा. मकर संक्रांति से ही ऋतु परिवर्तन भी होने लगता है. इस दिन स्नान और दान-पुण्य जैसे कार्यों का विशेष महत्व माना जाता है. मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी बनाने और खाने का खास महत्व होता है. इसी कारण इस पर्व को कई जगहों पर खिचड़ी का पर्व भी कहा जाता है.

ऐसी मान्यता है कि इसी त्योहार पर सूर्य देव अपने पुत्र शनि से मिलने के लिए आते हैं. सूर्य और शनि का सम्बन्ध इस पर्व से होने के कारण यह काफी महत्वपूर्ण हो जाता है. आम तौर पर शुक्र का उदय भी लगभग इसी समय होता है इसलिए यहां से शुभ कार्यों की शुरुआत होती है. अगर कुंडली में सूर्य या शनि की स्थिति खराब हो तो इस पर्व पर विशेष तरह की पूजा से उसको ठीक कर सकते हैं.

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, इस साल मकर संक्रांति पर 19 साल बाद अद्भुत संयोग बनने जा रहा है. दरअसल, मकर संक्रांति पर मंगलवार और पुष्य नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बनेगा.  ज्योतिर्विदों की मानें तो मकर संक्रांति पर बनने वाला यह संयोग तीन राशियों के लिए अत्यंत शुभ और लाभकारी है. आइए जानते हैं उन लकी राशियों के बारे में.

कर्क राशि: मकर संक्रांति पर बनने वाला दुर्लभ संयोग कर्क राशि के लिए शुभ है. इस शुभ योग के प्रभाव से धन-दौलत में वृद्धि हो सकती है. साथ ही करियर में उन्नति का भी योग बन रहा है. नौकरी-व्यापार में बड़ी कामयाबी मिल सकती है. दांपत्य जीवन में मिठास रहेगी. पुराने साथियों से मुलाकात हो सकती है. कोई नया व्यापार शुरू करने के लिए यह दिन शुभ रहेगा.

तुला राशि : मकर संक्रांति पर बनने वाला अद्भुत संयोग तुला राशि वालों के लिए भी अनुकूल माना जा रहा है. घर में कोई मांगलिक कार्य संपन्न होगा. आमदनी के नए स्रोत खुलेंगे. पैसों की बचत करने में कामयाब हो सकते हैं. सेहत से जुड़ी समस्याएं खत्म होंगी. किसी पुराने रोग से छुटकारा मिल सकता है. नौकरी-व्यापार में तरक्की के योग हैं.

मीन राशि : मीन राशि के लिए इस बार की मकर संक्रांति बहुत शुभ मानी जा रही है. इस दिन बनने वाले खास संयोग से व्यापार में मुनाफा बढ़ सकता है. नौकरीपेशा जातकों को प्रमोशन या इंक्रीमेंट  मिल सकता है. इसके अलावा व्यापार में डबल मुनाफा हो सकता है. दांपत्य जीवन में पार्टनर के साथ आपका रिश्ता मजबूत होगा. सेहत अच्छी रहेगी.

मकर संक्रांति शुभ मुहूर्त 
 
उदयातिथि के अनुसार, मकर संक्रांति इस बार 14 जनवरी 2025 को ही मनाई जाएगी. इस दिन सूर्य सुबह 8 बजकर 41 मिनट मकर राशि में प्रवेश करेंगे. हिंदू पंचांग के अनुसार, मकर संक्रांति पुण्य काल का समय सुबह 9 बजकर 03 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 46 मिनट तक रहेगा और महापुण्य काल का समय सुबह 9 बजकर 03 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 48 मिनट तक रहेगा.

मकर संक्रांति को क्या करें? 

इस दिन प्रातःकाल स्नान कर लोटे में लाल फूल और अक्षत डाल कर सूर्य को अर्घ्य दें. सूर्य के बीज मंत्र का जाप करें. श्रीमदभागवद के एक अध्याय का पाठ करें या गीता का पाठ करें. नए अन्न, कम्बल, तिल और घी का दान करें. भोजन में नए अन्न की खिचड़ी बनाएं. भोजन भगवान को समर्पित करके प्रसाद रूप से ग्रहण करें. संध्या काल में अन्न का सेवन न करें. इस दिन किसी गरीब व्यक्ति को बर्तन समेत तिल का दान करने से शनि से जुड़ी हर पीड़ा से मुक्ति मिलती है.

मकर संक्रांति पर दान का महत्व

मकर संक्रांति पर दान करना बहुत ही महत्वपूर्ण कहलाता है. इसके पीछे कारण यह है कि मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं जो सूर्य को अपना शत्रु मानते हैं. जबकि सूर्य देव शनि को अपना शत्रु नहीं मानते हैं. सूर्य के मकर राशि में प्रवेश होने से शनि प्रभावित होते हैं जिसका सीधा-उल्टा असर जनजीवन पर अवश्य ही पड़ता है. जिन लोगों की कुंडली में शनिदेव की स्थिति अच्छी होती है उनको इसका असर कम देखने को मिलता है, लेकिन इसके विपरीत जिन लोगों की कुंडली में शनि कमजोर या दुर्बल स्थिती में होते हैं, उनको इसके दुष्परिणाम दिखाई देते हैं.

गरीब एवं मजदूर वर्ग को शनि का कारक माना जाता है जिस वजह से सूर्य एवं शनि से संबंधित वस्तुएं जैसे गुड़, रेवड़ी, खिचड़ी, बाजरा, मूंगफली, कपड़े, कंबल आदि वस्तुओं का दान करना बेहद शुभ और फलदायी होता है. मकर संक्रांति पर इन वस्तुओं का दान करने से सूर्य एवं शनि के शुभ परिणाम प्राप्त किए जा सके लेकिन इस दिन के दान में खिचड़ी का विशेष महत्व माना जाता है क्योंकि खिचड़ी बाजरा, मूंग ,उड़द एवं चावल की बनाई जाती है.

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