कानपुर में ‘एडवोकेट अमेंडमेंट बिल’ का विरोध, पुलिस से धक्का-मुक्की; सड़क पर उतरे वकील

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कानपुर कचहरी में एडवोकेट अमेंडमेंड बिल–2025 के विरोध में वकीलों ने हड़ताल कर दी. आज दोपहर शताब्दी गेट से सैकड़ों की संख्या में वकीलों का जुलूस अधिवक्ता एकता जिंदाबाद… काला कानून वापस लो… जैसे नारे लगाते निकला.

बिल वापस लेने की मांग करते कलेक्ट्रेट पहुंचा. इस दौरान वकीलों ने कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का पुतला फूंका. पुलिस फूंकने के दौरान वकीलों की पुलिस से धक्का मुक्की भी हुई.

एडवोकेट अमेंडमेंड बिल–2025 के विरोध में बार एसोसिएशन अध्यक्ष इंदीवर बाजपेई, महामंत्री अमित सिंह के नेतृत्व में सैकड़ो वकीलों ने विरोध दर्ज कराया. शताब्दी गेट से कलक्ट्रेट तक वकीलों ने नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला. आक्रोशित अधिवक्ताओं ने कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का पुतला फूंका. पदाधिकारियों ने डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन सौंपने के दौरान बार अध्यक्ष ने मांग करते हुए कहा कि अधिवक्ता व उनके परिवारों के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट का प्रावधान किया जाए. परिषदों में निर्वाचित सदस्यों के अलावा कोई समाहित न किया जाए और उनके लोकतांत्रित स्वरूप को यथावत रखा जाए.

बार एसोसिएशन महामंत्री ने कहा कि अधिवक्ताओं का 10 लाख का मेडीक्लेम किया जाए. नियम बनाने का अधिकार पूर्व में जो एडवोकेट्स एक्ट में था, उसको यथावत स्थितियों में रखा जाए. केंद्र सरकार की ओर से रेगुलेशन बनाने की जो बातें कही गई हैं, उन्हें तुरंत समाप्त किया जाए. पूर्व लॉयर्स एसोसिएशन अध्यक्ष रविंद्र शर्मा ने कहा कि अमेंडमेंड बिल संविधान के अनुच्छेद 19 (विरोध का अधिकार) के विपरीत है. सरकार अधिवक्ताओं को कमजोर कर न्यायपालिका पर कब्जे का प्रयास कर रही है, जो अधिवक्ता बर्दाश्त नहीं करेंगे. हड़ताल के दौरान वादकारी इधर–उधर भटकते नजर आए.

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