मौका देख बलूचों ने लहरा दिया अपना झंडा, पाकिस्तान के झंडे उतारे; दुनिया को दूतावास खोलने का न्योता

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भारत से जंग छेड़ने वाला पाकिस्तान फिलहाल असफल हवाई हमले करने में जुटा है, लेकिन इस बीच उसके भीतर ही एक नई आफत आ गई है. दशकों से पाकिस्तान से आजादी की जंग लड़ रहे बलूचों ने अब बगावत और तेज कर दी है. यहां तक कि विद्रोही संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी के लड़ाकों ने मौका देखकर आजादी के झंडे भी फहरा दिए हैं. इसके अलावा बलूच विद्रोही संगठन के तीन समूहों ने बलूचिस्तान प्रांत के तीन अलग-अलग हिस्सों पर कब्जे का दावा किया है. इन स्थानों पर उन्होंने बलूचिस्तान के झंडे भी फहराए हैं. पाकिस्तान के झंडों को उतारकर बलूचिस्तान के ध्वज फहराने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.

गुरुवार को दो स्थानों पर बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तान की सेना पर 2 अटैक भी किए थे. इनमें से एक तो रिमोट बम अटैक था, जिसमें सेना की गाड़ी के परखच्चे उड़ गए थे. इस हमले में पाकिस्तानी सेना के 12 जवान मारे गए थे। इसका वीडियो भी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने अपने सोशल मीडिया चैनल हक्काल टीवी पर शेयर किया था. बलूचों ने बीते कुछ सालों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर हमले तेज किए हैं, लेकिन पिछले एक सप्ताह से इनमें और गति आई है. माना जा रहा है कि भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर ने इन्हें मौका दिया है और अब वे पाकिस्तान के खिलाफ हमले तेज कर रहे हैं.

कम से कम 4 हमले बलूच लिबरेशन आर्मी की तरफ से बीते दो दिनों में पाकिस्तान पर किए गए हैं. पूरे क्वेटा में कई जगहों पर फायरिंग हुई है. यही नहीं अकेले 6 छोटे-छोटे हमले तो बलूच लिबरेशन आर्मी ने कच्छ, मस्तंग और काची में किए हैं. बलोच लेखक मीर यार बलोच ने एक्स पर लिखा है, ‘बलोचों ने अपने झंडे लहराने शुरू कर दिए हैं. पाकिस्तान के झंडों को उतारा जा रहा है। यह दुनिया के लिए समय है कि वे पाकिस्तान से अपने दूतावासों को बंद करें और नए मुल्क बलूचिस्तान में स्थापित करें। पाकिस्तान की विदाई और बलूचिस्तान का वेलकम.’ बता दें कि पूर्व पाकिस्तानी पीएम शाहिद खाकन अब्बासी का भी कहना है कि देश की सरकार और सेना का नियंत्रण बलूचिस्तान से खत्म हो रहा है.

पूर्व पीएम ने बलूचिस्तान के मामले पर आसिम मुनीर को लताड़ा: अब्बासी ने कहा कि सरकार और सेना के वरिष्ठ लोग बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के बलूचिस्तान में जरा दूर भी नहीं जा सकते. यही नहीं उन्होंने बलूचिस्तान को लेकर सेना प्रमुख आसिम मुनीर के नैरेटिव को भी चुनौती दी. आसिम मुनीर ने कहा था कि बलूच विद्रोही संगठन के 1500 लोग राज्य हमसे छिनना चाहते हैं. यह ख्वाब कभी पूरा नहीं होगा। अब पूर्व पीएम का जो रुख है, वह पाकिस्तान की सेना और सरकार की पोल खोलने वाला है.

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