मई महीने में सूर्य गोचर करके वृषभ राशि में प्रवेश करने वाले हैं. वहीं शनि मीन राशि में हैं. इससे सूर्य पर शनि की वक्र दृष्टि पड़ने वाली है, जो 3 राशियों के लिए अच्छी नहीं रहेगी.
सूर्य और शनि पिता-पुत्र हैं लेकिन ज्योतिष में इन दोनों को एक-दूसरे का परम शत्रु बताया गया है. 15 मई को सूर्य के वृषभ राशि में गोचर करते ही सूर्य पर शनि की तीसरी दृष्टि पड़ेगी, जिसे ज्योतिष में अच्छा नहीं माना जाता है.
सूर्य पर शनि की वक्र दृष्टि 5 राशि वालों की लाइफ में उतार-चढ़ाव ला सकती है. लिहाजा नुकसान से बचने के लिए इन लोगों को 15 मई से एक महीने तक सावधानी बरतनी चाहिए.
वृषभ राशि वालों का इस दौरान व्यवहार रुखा रह सकता है. बेहतर है कि बातचीत में नरमी बरतने की कोशिश करें. परिवार में तनाव हो सकता है. गुस्से पर काबू रखें. जिन लोगों से आपकी नहीं बनती है उनसे दूरी बनाकर रखें, ताकि विवाद ना हो.
मिथुन राशि वाले जातकों को सूर्य-शनि कई तरह से हानि पहुंचा सकते हैं. मेहनत ज्यादा होगी और फल कम मिलेगा. कामों में देरी ना करें. काम का बोझ सेहत बिगाड़ सकता है. किसी पर आंख बंद करके भरोसा ना करें.
तुला राशि के जातकों को सूर्य-शनि कष्ट देंगे. जोखिम भरा निवेश ना करें. अपनी ऊर्जा का सही इस्तेमाल करें. अपनी बातें दूसरों पर ना थोपें. आपकी छवि खराब हो सकती है. वाणी में कठोरता ना आने दें.
वृश्चिक राशि वालों को भी यह स्थिति कष्ट देगी. करीबी लोग भी आपसे दूरी बना लेंगे. सेहत का ध्यान रखें. गुस्से और कठोर शब्द बोलने से बचें. उधार ना दें, पैसा फंस सकते हैं.
मकर राशि वालों को भी सूर्य पर शनि की दृष्टि क्रोध बढ़ाने वाली साबित होगी. ऐसे में जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें. साथ ही विनम्रता से बात करें. आर्थिक मामलों में सावधान रहें, वरना नुकसान हो सकता है.
















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