बेंगलुरु की ‘जल प्रलय’: ‘सिलिकॉन सिटी’ के घर-दफ्तरों में पानी, सड़कों पर चल रही बोट…Videos देखें

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कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू (Bengaluru) में रविवार, 18 मई और सोमवार, 19 मई की दरमियानी रात को करीब 6 घंटे से ज़्यादा वक्त तक मूसलाधार बारिश हुई. सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि यह बेंगलुरू में इस साल की सबसे भारी बारिश है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शहर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.

शहर में भारी बारिश के बाद जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. सड़कों पर पानी भर गया है और कई घरों में भी पानी घुस गया है, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कर्नाटक सरकार ने प्रशासन को प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं. फायरफोर्स की रेस्क्यू टीमें बोट, जेसीबी और ट्रैक्टर की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं. 

कर्नाटक राज्य आपदा निगरानी प्रकोष्ठ के मुताबिक, केंगेरी में सबसे ज़्यादा 132 मिमी बारिश दर्ज की गई. बेंगलुरू के उत्तरी हिस्से में वडेराहल्ली 131.5 मिमी बारिश के साथ दूसरे स्थान पर रहा. कई इलाकों में रात भर में 100 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा सोमवार को सुबह 8.30 बजे मापी गई पिछले 24 घंटों में बेंगलुरू शहर में हुई औसत बारिश 105.5 मिमी थी.

शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया और निचले इलाकों में पानी भर गया, विशेषकर लोकप्रिय सिल्क बोर्ड जंक्शन, बोम्मनहल्ली, एचआरबीआर लेआउट में ज्यादा असर देखने को मिला.

बेंगलुरु सिटी पुलिस ने उत्तरी बेंगलुरु में अय्यप्पा मंदिर की ओर न्यू बेल रोड, सरायपाल्या की ओर नागवारा बस स्टॉप और अल्लासंद्रा से येलहंका सर्कल की ओर जलभराव के कारण यातायात के एडवाइजरी जारी की गई. 

जेडी(एस) ने कांग्रेस पर साधा निशाना

जनता दल (सेक्युलर) ने उपमुख्यमंत्री और बेंगलुरु विकास और नगर नियोजन मंत्री डीके शिवकुमार की आलोचना की.

विपक्षी पार्टी ने उन्हें बेंगलुरु के मंत्री के रूप में उनकी भूमिका के लिए ‘अयोग्य’ बताया. जेडी(एस) ने कांग्रेस सरकार और शिवकुमार पर भी आरोप लगाया कि बेंगलुरु के लोग बाढ़ के पानी से भरे घरों, बंद नालियों और सीवेज की समस्याओं के कारण हर दिन परेशान हैं, यहां तक ​​कि थोड़ी सी बारिश में सड़कें झीलों में बदल जाती हैं. जेडीएस ने इन मुद्दों पर सरकार की प्रतिक्रिया को लापरवाह बताया.

सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया, “कांग्रेस सरकार सत्ता में आने के दो साल बाद भी बेंगलुरु की गड्ढों वाली सड़कों को ठीक नहीं कर पाई है. आपने कचरा माफिया के आगे झुककर और कमीशन के लिए गार्डन सिटी को कचरा शहर में बदल दिया है. यह सरकार के कुप्रबंधन का प्रतिबिंब है.” उन्होंने आगे कहा, “ग्रेटर बेंगलुरु और ब्रांड बेंगलुरु सिर्फ नाम हैं. इस लूट योजना के असली लाभार्थी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेसी हैं.”

जेडी(एस) ने कहा कि शहर के विकास में सरकार का समग्र योगदान जीरो था और इस प्रक्रिया में बेंगलुरु की वैश्विक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रहा है.

बीजेपी विधायक और कर्नाटक के पूर्व मंत्री सुनील कुमार करकला ने भी सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना की और कहा कि कांग्रेस पार्टी जश्न मना रही है जबकि उसने ‘शहर के बुनियादी ढांचे’ की ‘हत्या’ कर दी है.

इस बीच, किरण मजूमदार-शॉ ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि शहर के सभी औद्योगिक क्षेत्रों के रखरखाव के लिए ELCITA (इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी इंडस्ट्रियल टाउनशिप अथॉरिटी) की नियुक्ति की जानी चाहिए.

बेंगलुरू के नागरिक प्राधिकरण, बृहत बेंगलुरू महानगर पालिका (BBMP), अनुभवी उद्यमी और एक अन्य बेंगलुरू निवासी मोहनदास पई और मंत्री एमबी पाटिल को टैग करते हुए मजूमदार-शॉ ने कहा कि ईएलसीआईटीए बीबीएमपी अधिकारियों को प्रत्येक वार्ड के रखरखाव के लिए ट्रेनिंग दे सकता है.

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