शनि जयंती पर इन 4 फूलों का चमत्कार, कर्मफलदाता को चढ़ाकर पाएं साढ़ेसाती और पनौती से छुटकारा!

Spread the love

इस बार 27 मई 2025 को शनि जयंती है मनाई जाएगी. इस दिन वैसे तो कई शुभ योग बन रहे हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि शुभ मौके पर फूल से जुड़े कुछ उपाय कर शनि की साढ़ोसाती के प्रभाव को कम किया जा सकता है. 

शनिदेव अच्छे बुरे कर्मों का पूरा पूरा हिसाब करते हैं. शनि की साढ़ेसाती और पनौती से अगर आप भी परेशान है तो आपको शनि जयंती 2025 पर शनि देव के प्रिय फूल उन्हें जरूर अर्पित करें.

शास्त्रों के अनुसार शनिदेव का जन्म ज्येष्ठ अमावस्या तिथि हुआ. शनिदेव के पिता सूर्यदेव है और माता देवी संज्ञा है. ज्योतिष अनुसार शनि जयंति एक बहुत विशेष दिवस है. इस दिन कुछ विशेष फूल चढ़ाकर शनिव को जल्द प्रसन्न किया जा सकता है.

इस बार 27 मई 2025 को शनि जयंती मनाई जाएगी, ऐसे में आइए जानें कि शनि देव के प्रिय फूल अर्पित कर कैसे साढ़ेसाती और पनौती के प्रभाव को कम किया जा सकता है. इस दिन शनि देव को कौन से फूल चढ़ाएं. 

आक का फूल: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि देव को आक का फूल चढ़ाने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव कम होता है. शनि जयंती के मौके पर अगर यह उपाय करें तो इसका और भी अच्छा परिणाम हासिल होता है. आक के फूल अर्पित करने से शनि देव अति प्रसन्न होते हैं और जातक की किस्मत का ताला खोल सकते हैं. 

गुड़हल : शनिदेव को गुड़हल का फूल अति प्रिय है जिसे चढ़ाने से शनि दोष दूर होता है. शनि जयंती या किसी भी शनिवार को अगर गुड़हल का फूल शनिदेव को अर्पित करें तो इसके बहुत अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं.

अपराजिता का फूल: शनिदेव को अपराजिता का फूल अति प्रिय है. यह  नीले रंग का फूल शनिदेव को तो अर्पित किया जाता है, साथ ही भगवान शिव को भी यह फूल चढ़ाने की परंपरा है.  शनि जयंती पर अगर कोई जातक 5, 7, 11 अपराजिता के फूल शनिदेव के चरणों में अर्पित करता है तो शनिदेव प्रसन्न होकर साढ़ेसाती और पनौती के प्रभाव को कम कर देते हैं.

शमी का फूल: शनि जयंती के मौके पर शनि देव को शमी के फूल चढ़ाना अति शुभ माना गया है. शनि महाराज की विधि विधान से पूजा करें और पूजा के समय ही शमी के पत्ते, शमी के फूल व शमी के जड़ अर्पित करें. शमी के फल चढ़ाने से भी शनि देव का आशीर्वाद प्राप्त होता है और साढ़ेसाती का प्रभाव कम होता है. दुख दूर होते हैं और धन की आवक बढ़ती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *