बहराइच में तेंदुए ने छत पर सो रही महिला को नोच-नोचकर मार डाला. शनिवार रात 2 बजे तेंदुआ छत पर चढ़ गया. आहट सुनकर महिला की आंख खुल गई. तेंदुआ सो रही उसकी बेटी पर अटैक करने वाला था, लेकिन महिला तेंदुए के आगे आ गई. घटना कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग की सुजौली रेंज की है.

शोर मचाकर उसने तेंदुए को भगाने की कोशिश की. इसके बाद तेंदुए ने महिला पर अटैक कर दिया। गर्दन जबड़े में दबोचकर छत से नीचे कूद गया. फिर उसने चेहरे, सीने और गले को नोच डाला. महिला की चीख सुनकर परिजन और गांव वाले पहुंचे. उन्होंने शोर मचाकर तेंदुए को भगाया, लेकिन तब तक तेंदुआ महिला को मार चुका था. घटना की सूचना पर पुलिस टीम पहुंच गई. पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए लेकर जाने लगी तो परिजनों ने हंगामा कर दिया. काफी देर तक पुलिस वालों ने परिजनों को समझाया. उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया. इसके बाद परिजन पोस्टमॉर्टम के लिए राजी हुए.
मिली जानकारी के अनुसार बेटी के साथ छत पर सो रही 38 साल की जरीना अयोध्यापुरवा गांव की रहने वाली थी. उनके पति जाकिर ने बताया- कल रात उमस बहुत ज्यादा थी, इसलिए पत्नी बेटी नगमा (17) के साथ छत पर सो रही थी. मैं और बेटी नगीना (15) कमरे में सो रहे थे. देर रात 2 बजे बेटी नगमा की चीख सुनकर मेरी नींद खुली. मैं दौड़ते हुए मौके पर पहुंचा. देखा तो तेंदुआ पत्नी को नोच रहा था. तब तक आसपास के लोग भी आ गए. हम लोगों ने शोर मचाकर और लाठी फटकार कर तेंदुए को भगाया, लेकिन तब तक तेंदुआ पत्नी की जान ले चुका था.

इसी घर की छत पर चढ़कर तेंदुए ने महिला पर हमला किया था.
बेटी बोली- तेंदुए ने मेरे सामने मां को मार डाला नगमा ने बताया- मां के साथ सो रही थी. देर रात छत पर तेंदुआ न जाने कहां से आ गया. तेंदुआ मुझ पर अटैक करने वाला था, लेकिन मां मुझे बचाने के लिए तेंदुए के आगे आ गईं. मेरी भी आंख खुल गई. मां ने शोर मचाकर तेंदुए को भगाने की कोशिश की. इतने में तेंदुए ने मां का पैर पकड़ लिया और खींचने लगा. मैंने मां का हाथ पकड़ लिया और बचाओ-बचाओ चिल्लाने लगी. तभी तेंदुए ने मेरी ओर झपट्टा मारा। मेरे हाथ से मां का हाथ छूट गया. इतनी देर में तेंदुआ मां को जबड़े में दबाकर छत से कूद गया. फिर घर के पीछे गन्ने के खेत में खींच ले गया. शोर सुनकर पापा और गांव के लोग पहुंचे। फिर लाठी फटकार कर तेंदुए को भगाया. नगमा ने कहा-मैंने बहुत कोशिश की, लेकिन मां को नहीं बचा पाई. मेरे सामने ही तेंदुए ने उन्हें मार डाला.
बेटी नगमा ने बताया- मां को बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन बचा नहीं पाई. 5 हजार रुपए वन विभाग ने दिया मुआवजा इधर, घटना की सूचना पर सुबह 3 बजे पुलिस और वन विभाग की टीम पहुंची. जब टीम शव को लेकर जाने लगी, तो परिजनों ने हंगामा कर दिया. काफी देर तक हंगामा चलता रहा. पुलिसकर्मियों ने हर संभव मदद का आश्वासन देकर परिजनों को मनाया. पुलिस ने परिजनों को 5,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी है. वन विभाग की टीम को गांव में तैनात किया गया है.















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