कानपुर में पेंटिंग आर्टिस्ट ने जान दी: सुसाइड नोट में लिखा- मुझे माफ करना, मैं अपनी कल्पनाओं की….

Spread the love

”मुझे माफ कर देना, सारी गलती मेरी है. मैं अपनी कल्पनाओं की दुनिया में वापस जा रहा हूं.” ये लिखकर कानपुर के पेंटिंग आर्टिस्ट ने जान दे दी. शनिवार सुबह मां ने कमरा खोला, तो बेटे का शव फंदे से लटकता मिला. मौके पर पहुंची काकादेव पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमॉर्टेम के लिए भेजा. कमरे से सुसाइड नोट भी मिला है.

वह मशहूर पेंटिंग आर्टिस्ट बनना चाहता था. अभिषेक ने 2 साल पहले कानपुर विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ फाइन आर्ट का कोर्स किया था जिसके बाद उसकी लोहिया ग्रुप में आर्टिस्ट के पद पर नौकरी लग गई थी. घटना विजय नगर की है.

अभिषेक गुप्ता (24) अपनी मां माया गुप्ता और छोटे भाई अनुराग के साथ रहते थे. उनके पिता राजेश गुप्ता की करीब 8 साल पहले मौत हो चुकी है. छोटे भाई अनुराग ने बताया- कल रात खाना खाने के बाद पूरा परिवार अपने-अपने कमरे में सोने चला गया.

पिछले दिनों अभिषेक ने कानपुर यूनिवर्सिटी की आर्ट गैलरी में हिस्सा लिया था, जिसमें उनकी पेंटिंग को पुरस्कृत भी किया गया था.

देर रात बड़े भाई ने आगे के कमरे में पंखे से फंदा लगा कर जान दे दी. सुबह मां पहुंची और भइया अभिषेक को आवाज लगाई लेकिन कोई आवाज नहीं आई तो मां ने कमरे के दरवाजे को धक्का दे दिया जिससे वह खुल गया. मां ने देखा कि भाई का शव फंदे पर लटक रहा था.

बहन की शादी के बाद आज होनी थी पूजा: भाई अनुराग ने बताया कि फरवरी में बहन कीर्ति की शादी हुई थी जिसके बाद आज घर में पूजा होनी थी जिसके लिए जीजा और दीदी घर आए थे. हम लोग शाम को काफी खुश थे. रात में हंसी-खुशी सभी ने साथ में खाना खाया. ऐसी क्या बात थी जो भाई ने हम लोगों को नहीं बताया.

अभिषेक की परिजनों ने कराई थी काउंसिलिंग: मृतक के जीजा दिव्यांशु गुप्ता ने बताया कि अभिषेक काफी समय से परेशान चल रहा था. वह किसी को कुछ बताता भी नहीं था जिसके बाद उसकी काउंसिलिंग भी कराई थी. वह कुछ समय पहले उनके पास दिल्ली भी आया था, जिस पर उसे काफी समझाया भी था. आज पूजा के कारण ससुराल आया था, सोचा था कि उसे दोबारा समझाएंगे लेकिन हम लोग पूजा के बाद खाली होकर कुछ बात कर पाते उससे पहले ही उसने इतना बड़ा कदम उठा लिया. 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *