डिप्टी CM के काफिले से टकराई बाइक: 2 युवक घायल, एक का सिर-चेहरा फूटा; ICU में एडमिट

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बरेली में शुक्रवार को डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के काफिले से बाइक टकरा गई. हादसे में दो युवक घायल हो गए. टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए जबकि दोनों दोनों युवक की हालत नाजुक है. जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों ने दोनों को ICU शिफ्ट किया है.

विधायक के आवास जा रहे थे: डिप्टी सीएम बृजेश पाठक इन दिनों बरेली के दौरे पर हैं. उन्होंने शुक्रवार को सबसे पहले जिला अस्पताल का निरीक्षण किया. अधिकारियों के साथ मीटिंग की. इसके बाद बिथरी चैनपुर विधायक डॉ राघवेंद्र शर्मा के पिता की तेरहवीं में शामिल होने जा रहे थे.इसी दौरान करगैना पुलिस चौकी के पास काफिले के आगे अचानक बाइक आ गई, जिससे सीधी टक्कर हो गई.

सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें: हादसे में घायल युवकों की पहचान सुभाषनगर के इटौआ सुखदेवपुर निवासी (30) सुशील उर्फ वेदपाल व उसके साथी यशपाल के रूप में हुई है. दोनों को मिशन अस्पताल ले जाया गया. सुशील के सिर, चेहरे, हाथ और पैर में गहरी चोटें आई हैं जबकि यशपाल के सीने में चोट लगी है. सुशील की पत्नी का नाम आरती है. उसका एक 6 महीने का बच्चा है. परिजनों की बातचीत पिता बोले-पुलिस वाले अस्पताल छोड़कर चले गए.

हादसे के बाद बाइक की हैडलाइट और आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया.

सुशील के पिता वीरपाल भी मजदूरी का काम करते हैं. सुशील के पिता वीरपाल ने बताया-बेटा पेशे से राजमिस्त्री है. दोपहर के वक्त वह अपने साथी यशपाल के साथ खाना खाने के लिए बाइक से घर जा रहा था तभी डिप्टी सीएम के काफिले में शामिल CMO डॉ विश्राम सिंह की गाड़ी ने उन्हें टक्कर मार दी. वो तड़पने लगा। पुलिस वाले यहां फेंक कर भाग गए. भतीजा बोला-डिप्टी के काफिले में 20 गाड़ियां थीं.

सुशील सिंह के भतीजे प्रहलाद सिंह ने बताया कि हम जानकारी पर भागकर आए. सुशील सिंह के भतीजे प्रहलाद सिंह ने बताया-डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के काफिले में 20 के आसपास गाड़ियां थीं. उससे चाचा का एक्सीडेंट हो गया. हमें जानकारी मिली हम पहुंचे. पुलिस वाले उनको लेकर अस्पताल गए. अभी तक चाचा को देखने कोई भाजपा का विधायक, कार्यकर्ता तक नहीं आया. हम यही चाहते हैं उनका सरकार इलाज कराए. वहीं, मां मीना देवी ने बताया-मेरा बेटा सुशील खाना खाने आया था. तभी पीछ से एक गाड़ी ने टक्कर मारी दी. कोई एक बार देखते तक नहीं आया. हमें इतनी गरीबी में कहां से इलाज करेंगे.

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