लखनऊ में हर घर तिरंगा अभियान के तहत परिवरतन चौक से हजरतगंज चौराहे तक तिरंगा यात्रा निकाली गई . यात्रा में 10 हजार से अधिक मदरसे के छात्रों और सैकड़ो की संख्या में शिक्षकों ने हिस्सा लिया.
तिरंगा यात्रा का नेतृत्व भारतीय जनता पार्टी के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह , अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद ने किया . यात्रा में मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार आरपी सिंह समेत अन्य कई अधिकारी मौजूद रहे. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर निकाली गई यात्रा में मदरसे के छात्र सर पर तिरंगा पट्टी बांधकर. हाथ में तिरंगा लेकर हिंदुस्तान जिंदाबाद का नारा लगाते हुए, सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा गुनगुना रहे थे. लखनऊ की सड़कों से गुजर रहे तिरंगा यात्रा में आगे अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद रैली का नेतृत्व कर रहे थे. उनके पीछे बग्गी थी जिसमें मदरसे के बच्चे सवार थे. साथ मे हजारों की संख्या में कम से कदम मिलाकर मदरसे के बच्चे हिंदुस्तान जिंदाबाद का नारा बुलंद करते हुए स्वतंत्रता की खुशी का इजहार कर रहे थे.
हाथों में तिरंगा लेकर रैली में शामिल हुए मदरसे के छात्र
मदरसे के 10 हजार छात्र तिरंगा यात्रा में हुए शामिलअल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद ने कहा कि आज की रैली ऐतिहासिक है . लखनऊ में तिरंगा और टोपी का यह महासंगम है जिसमें देश भक्ति के रंग में मदरसे के छात्र और शिक्षक डूबे हुए हैं. पूर्व में सपा और बसपा ने मुसलमान को सिर्फ वोट बैंक समझा. उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने मुस्लिम छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर नहीं दिया. हमारे मदरसे के छात्र अन्य छात्रों की तरह हुनर मंद और काबिल है बस इन्हें एक अवसर की तलाश रहती है. आज मदरसे के बच्चे फराटे से अंग्रेजी बोल रहे हैं साइंस और टेक्नोलॉजी की जानकारी रखते हैं. मदरसे से निकलने वाले बच्चे डॉक्टर और इंजीनियर बन कर समाज की सेवा कर रहे हैं.
वतन से मोहब्बत करना ईमान का हिस्सा
तिरंगा यात्रा में शामिल हुए भाजपा संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह और मंत्री दानिश वतन से मोहब्बत करना ईमान का हिस्सा है. तिरंगा यात्रा में शामिल हुए मौलाना यासिर फारूकी ने कहा कि देश की आजादी में मदरसों ने मुख्य भूमिका निभाई है. हजारों की संख्या में उलमा ने शहादत दिया है. आज हम जो तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं यह हिंदू ,मुस्लिम , सिख ,इसाई सभी के संघर्षों का परिणाम है. भारत देश को आजाद करने वाले सभी जवानों को हम सलाम करते हैं. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मदरसे में छात्रों को स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की कहानी सुनाई जा रही है. आजादी से जुड़े कार्यक्रमों से बच्चों में देश प्रेम की भावना जाग रही है. वतन से मोहब्बत करना ईमान का हिस्सा है अपने शहीदों का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है.















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