कानपुर में एयरफोर्स से रिटायर्ड सार्जेंट ने अपनी डबल बैरल लाइसेंसी राइफल से गले में गोली मार कर आत्महत्या कर ली. घटना के समय पत्नी बर्तन साफ कर रही थी जबकि बेटा बगल के कमरे में ईयर बड्स लगा कर पढ़ाई कर रहा था जिससे वह गोली की आवाज नहीं सुन सका.
करीब डेढ़ घंटे बाद बेटा पिता को बुलाने के लिए गया. तब दरवाजा अंदर से लॉक था. बेटा बालकनी के दरवाजे से कमरे के अंदर पहुंचा तो पिता का खून से लथपथ शव मिला. सूचना पर मौके पर पहुंची नवाबगंज पुलिस ने बंदूक जब्त करके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है. घटना सुबह 9 बजे की नवाबगंज थाना क्षेत्र के मैनावती मार्ग स्थित श्रीराम कृपा इस्टेट की है.

कमरा खुलने के बाद सभी ने मिलकर हरेंद्र को बाहर निकाला तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.
2016 में एयरफोर्स से हुए थे रिटायर: मूलरूप से फर्रुखाबाद के कंपिल थाना के बंगसनगर निवासी हरेंद्र कुमार सिंह (48) 2016 में एयरफोर्स से रिटायर हुए थे. कानपुर में अपनी पत्नी रीना राठौर व बेटी कोमल व बेटे साहिल के साथ रहते हैं. पत्नी रीना ने बताया कि हरेंद्र सार्जेंट के पद से गांधी नगर गुजरात से रिटायर हुए थे. हम लोग बीते एक साल से मैनावती रोड स्थित श्रीराम कृपा इस्टेट में आदित्य कुमार के मकान में किराए पर रह रहे थे.
बेटा बगल के कमरे में करता रहा था पढ़ाई: उनके घर से कुछ दूरी पर उनकी सास मिथलेश चौहान व ससुर शिव कुमार सिंह रहते है. बेटी कोमल दिल्ली से यूपीएससी की तैयारी कर रही है, जबकि बेटा साहिल एयरफोर्स की तैयारी कर रहा है. पत्नी ने बताया कि रिटायर होने के बाद पति ने नौकरी के लिए कई परीक्षाएं दी, लेकिन उनका चयन नही हो पा रहा था, जिस कारण वह डिप्रेशन व नींद न आने की समस्या से जूझ रहे थे. जिसका इलाज भी चल रहा था.

बेटे साहिल ने पुलिस को बताया कि मैं बगल के कमरे में पढ़ाई कर रहा था जब बुलाने गया तो पूरा कमरा खून से भरा था.
एक माह पहले ही लगी थी गार्ड की नौकरी: करीब एक माह से हरेंद्र नवाबगंज स्थित CSA में गार्ड के पद पर नौकरी कर रहे थे. पत्नी ने बताया कि आज सुबह पति टहलने गए थे, वापस आने के बाद सोने जाने की बात कह कर कमरे में चले गए और कमरे में अपनी लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक से खुद के गले में गोली मार ली.
पत्नी ने बताया कि वह नीचे के तल में बर्तन धुल रही थीं, जबकि बेटा बगल वाले कमरे में ईयर बड्स लगा कर पढ़ाई कर रहा था. सुबह करीब पौने नौ बजे उन्हें तेज धमाका सुनाई दिया. उन्होंने सोचा कि किसी ट्रक का टायर फटा है. करीब डेढ़ घंटा बीतने के बाद उन्होंने साहिल से पिता को जगाने को कहा.
डेढ़ घंटे बाद बेटा पहुंचा तो खून से लथपथ मिला शव: साहिल कमरे में पहुंचा तो दरवाजा अंदर से लॉक था, जिसके बाद वह बालकनी की ओर स्थित दरवाजे से कमरे में पहुंचा, तो अंदर खून से लथपथ शव पड़ा मिला. परिजनों ने मामले की जानकारी नवाबगंज पुलिस को दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने फोरेंसिक टीम से साक्ष्य संकलन कर उनकी डबल बैरल बंदूक जब्त कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया.
















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