कानपुर के उर्सला अस्पताल में एक डॉक्टर ने सुपरवाइजर को पीट दिया. सुपरवाइजर हाथ जोड़कर माफी मांगता रहा, लेकिन डॉक्टर ने एक न सुनी. डॉक्टर ने सुपरवाइजर को 1 मिनट में 12 थप्पड़ जड़ दिए. यह पूरी घटना अस्पताल के सीसीटीवी में कैद हो गई.
.सुपरवाइजर की गलती सिर्फ इतनी थी कि पोछा लगने को दौरान उसने डॉक्टर से उस पर चलने से मना किया था. घटना रात के समय की है, जब सुपरवाइजर अपनी निगरानी में अस्पताल की साफ-सफाई करा रहा था. हालांकि, बाद में डॉक्टर ने सुपरवाइजर से माफी मांगने की बात कही है.

पोछा लगा रहा था सफाई कर्मचारी: कानपुर के उर्सला जिला अस्पताल में तैनात सुपरवाइजर रॉबिन सिंह पिछले 6 महीने से काम कर रहे हैं. इन दिनों रॉबिन की ड्यूटी नाइट शिफ्ट में लगी है. वह अपने सफाई कर्मचारियों के साथ रात में साफ-सफाई का काम करा रहे थे.
रॉबिन ने बताया कि बुधवार रात करीब 10.30 बजे वह अस्पताल में सफाई करा रहे थे. तभी वहां से अस्पताल के जनरल सर्जन डॉ. वीकेएस कटियार निकल रहे थे. इस पर रॉबिन ने उन्हें रोकते हुए कहा कि दो मिनट रुक जाइए, यहां सफाई चल रही है. इस पर चलने से फर्श पर पैरों के निशान बन जाएंगे.
बचने के लिए भागा, हाथ जोड़े पर डॉक्टर पीटते रहे: रॉबिन ने आरोप लगाया कि नशे में धुत डॉ. कटियार इस बात पर आगबबूला हो गए. उन्होंने सुपरवाइजर को गाली देते हुए पिटाई शुरू कर दी. यह पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई. इसमें दिख रहा है कि डॉक्टर ने रॉबिन को थप्पड़ मारने शुरू कर दिए.
सुपरवाइजर रॉबिन ने बचने के प्रयास में इधर-उधर भागा, लेकिन डॉक्टर लगातार थप्पड़ मारते रहे. आखिर में रॉबिन ने हाथ जोड़ लिए और माफ करने को कहा लेकिन, डॉक्टर ने उन्हें नहीं छोड़ा और 1 मिनट में ही 12 थप्पड़ बरसा दिए.

सीसीटीवी में दिख रहा है कि सुपरवाइजर रॉबिन सिंह को डॉक्टर से बचाने के लिए और भी कई लोग आ गए. सभी ने डॉक्टर को रोकने का प्रयास किया। गार्ड ने भी बीच-बचाव किया, लेकिन डॉक्टर सुपरवाइजर को पीटते रहे. रॉबिन ने बताया कि उसने थाना कोतवाली कानपुर में एप्लिकेशन दी है. पुलिस ने जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही है. वहीं, कर्मचारियों का आरोप है कि डॉक्टर वीकेएस कटियार हमेशा रात में नशे में धुत होकर अस्पताल आते हैं.
डॉ. बोले गलतफहमी हो गई थी- मैंने माफी मांग ली: डॉ. वीएस कटियार से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुझे कुछ गलतफहमी हो गई थी. इसलिए मैंने उसे मार दिया। मुझे नहीं पता था कि ये अपने अस्पताल का कोई कर्मचारी है. मैंने उससे माफी भी मांग ली है. उसने भी मुझे माफ कर दिया है. अब कोई बात नहीं हैं। वहीं उर्सला अस्पताल के निदेशक डॉ. एचडी अग्रवाल ने कहा कि मेरे पास अभी कोई भी शिकायत नहीं आई है. अगर कोई शिकायत करता है, तो इसके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा.
















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