कानपुर में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान साउंड सिस्टम से बज रहे भक्ति गीतों की आवाज कम करने को लेकर बवाल हो गया. पुलिस ने साउंड सिस्टम की आवाज धीमी करने को कहा तो पुलिस से नोकझोंक हो गई. भक्तों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. दारोगा पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया गया. पानी महंत जितेंद्र दास की अगुवाई में धरना शुरू हो गया. धरने के वक्त व्यापारी समेत भक्तों ने दरोगा को निलंबित करने और सख्त कार्रवाई की मांग की. बवाल की सूचना पर पहुंचे डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने आक्रोशित भक्तों को शांत कराने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो सके. जगन्नाथ भक्त दारोगा के निलंबन की मांग पर अड़े गए.
पूरे देश में शुक्रवार को जगन्नाथ जी की रथयात्रा का उल्लास छाया हुआ है. कानपुर में भी जगन्नाथ के भक्त नाचते गाते यात्रा निकाल रहे थे. इसी दौरान नयागंज में उस समय यात्रा में खलल उत्पन्न हो गया जब पुलिस ने यात्रा के साथ चल रहे साउंड सिस्टम की आवाज धीमी करने को कहा. इसके बाद भक्तों की पुलिस से नोकझोंक हो गयी। यहां तक कि भक्तों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर साउंड बजाने पर अड़े रहे. आरोप है कि एक दारोगा ने अभद्रता कर दी. इसको लेकर भक्तों का गुस्सा और बढ़ गया। गुस्साए जगन्नाथ भक्तों ने नारेबाजी कर धरना शुरू कर दिया.
बवाल बढ़ने पर डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता पहुंचे लेकिन दारोगा पर एक्शन से कम पर भक्त मानने को तैयार नहीं हुए. यह भी चेतावनी दी गई की आधे घंटे के अंदर यदि कोई कार्रवाई नहीं हुई तो डीएम कार्यालय का घेराव किया जाएगा. हालांकि डीसीपी का कहना है कि भक्तों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया है. अभद्रता मामले की जांच कर दोषी दरोगा पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. हालांकि धरने पर बैठे लोग दरोगा के निलंबन से इतर कुछ भी मानने को तैयार नहीं थे.
















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