कानपुर में एक गवाह की हत्या कर दी गई. हत्या के 36 घंटे बाद युवक का शव पनकी नहर में मिला. उसका चेहरा और सिर हथौड़े से कुचला हुआ था.
युवक के घरवालों का आरोप है कि चौकी में किडनैपिंग की शिकायत की, तो पुलिस ने ढूंढने की बात कहकर टरका दिया. शव मिलने के बाद अब पुलिस हरकत में आई है. वारदात के 72 घंटे के अंदर पुलिस आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया.विमल के शव को पुलिस और गांव वालों ने मिलकर नहर के बाहर निकाला.

2 जुलाई की रात किया था किडनैप: सेन पश्चिम पारा में बिनगवां में रहने वाले विमल गौतम (55) गांव के खागल पासवान का ट्रैक्टर चलाते थे. विमल के परिवार में पत्नी बिटान (50) के अलावा तीन बेटे दिव्यांशु, शिवम, गोलू और बेटी नैना हैं. ई-रिक्शा चलाने वाले विमल के बेटे शिवम ने बताया- 2 जुलाई की रात करीब 9 बजे पापा मौरंग मंडी से लौट रहे थे तभी शटरिंग का काम करने वाला इरफान खान अपनी सफेद रंग की एसयूवी कार से 6-7 लड़कों के साथ आया फिर उसने पापा से कुछ बात की. फिर पापा को जबरन सफेद रंग की कार में बैठा कर ले गया. यह बात हमें आसपास खेल रहे लड़कों ने बताई. साथ ही ये घटना पास में लगे सीसीटीवी में भी कैद हो गई थी.
पुलिस हमारी सुन लेती तो पापा हमारे साथ होते… शिवम ने बताया- जब काफी देर तक पापा घर नहीं लौटे, तो हम लोगों ने उन्हें ढूंढना शुरू किया. इसके बाद हमने चौकी पहुंच कर घटना की जानकारी पुलिस को दी. पुलिस ने पापा को ढूंढने की बात कहते हुए हम लोगों को टरका दिया.
बेटे शिवम ने बताया कि हमने पुलिस को आरोपियों के बारे में बताया, फिर भी कोई एक्शन नहीं लिया. बेटे ने कहा कि मेरे परिवार वाले रात भर सेन थाने में गुहार लगाते रहे. हमने आरोपियों के नाम भी बताए. इसके बावजूद पुलिस ने तुरंत कोई कार्रवाई नहीं की. रात 3 बजे तक पापा को ढूंढने के बाद भी कुछ नहीं पता चला. फिर दूसरे दिन 3 जुलाई की सुबह पापा की लाश पनकी नहर में उतराती मिली. अगर पुलिस हमारी बात सुन लेती, तो आज पापा हमारे साथ होते.
मौके पर पहुंची पुलिस ने विमल हत्याकांड को लेकर लोगों से पूछताछ की. 5 साल पहले हुए झगड़े का गवाह था मृतक शिवम ने बताया- 5 साल पहले पापा का इरफान के पिता जाकिर से करीब 6 हजार रुपए को लेकर झगड़ा हुआ था. इस पर पापा के दोस्त खागल पासवान ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया था. तभी इरफान के पिता जाकिर ने खागल अंकल के सिर पर डंडे से हमला कर दिया था. इसमें वह करीब एक महीने अस्पताल में भर्ती रहे थे. इसके बाद खागल अंकल ने जाकिर के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इस केस की अंतिम सुनवाई 12 जुलाई को होनी थी. इसमें मेरे पापा गवाह थे. इसी बात को लेकर इरफान, मेरे पापा से रंजिश रखता था.
खागल पासवान ने पुलिस को बताया- इरफान गांव में नहीं आ रहा था, लेकिन 5-6 दिन पहले वह गांव के ही कुछ युवकों के जरिए विमल की रेकी करवा रहा था. कुछ स्थानीय युवक भी इस हत्याकांड में शामिल हैं.
















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