उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित दुकानों पर नेम प्लेट लगाने के नियम को लागू कर दिया है. इसी को लेकर एफएसडीए ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि दुकानदारों को अपना नाम नहीं लिखना होगा. केवल दुकान का नाम ही लिखा जाएगा. हालांकि, क्यूआर कोड में दुकानदार से जुड़ी जानकारी होगी तो कांवड़ियों के लिए मददगार होगी. कहा जा रहा है कि यह निर्णय पारदर्शिता और जन कल्याण सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है. निर्देश के अनुसार दुकानदार को अपनी दुकान पर क्यूआर कोड युक्त प्रपत्र लगाना होगा. इसमें क्यूआर कोड स्कैन करने पर दुकानदार का नाम, पता, लाइसेंस नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल की जानकारी मिलेगी.
क्यूआर कोड स्कैन कर हिंदू संगठन पूछ रहे नाम-धर्म कांवड़ यात्रा को लेकर विहिप और हिंदू संगठन के लोगों ने हरिद्वार-दिल्ली हाइवे और कांवड़ मार्ग पर आने वाले होटलों पर सख्ती की मांग की है. खुद ही टीम बनाकर हर होटल-ढाबे पर पहुंच रहे हैं और इनके क्यूआर कोड को स्कैन करके नाम पता कर रहे हैं. साथ ही यदि होटल का नाम अन्य धर्म का लिखा हुआ है तो पुलिस-प्रशासन से शिकायत की जा रही है. हिंदू संगठन के सदस्यों ने अब कांवड़ यात्रा के दौरान तमाम कांवड़ मार्गों पर होटल पर मालिकों की पहचान उजागर करने और नाम लिखने की मांग की है.
अभियान चलाया सुभारती चौकी से अभियान शुरू करके गाजियाबाद तक कार्रवाई की गई है. इस संबंध में कई वीडियो भी वायरल हो रही हैं, जिसमें हिंदू संगठन के लोग होटल पर मालिक का नाम लिखने की मांग कर रहे हैं. यदि दूसरे धर्म के लोगों द्वारा अन्य नाम से होटल संचालित किया जा रहा है, तो पुलिस प्रशासन से शिकायत की जा रही है. सभी ने यूपी सरकार को उत्तराखंड शासन के आदेश का हवाला देते हुए नाम लिखने को अनिवार्य करने की मांग की.
















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