ना नोटिस, ना कोई सफाई की मोहलत; सीधे सीधे जब्ती: GST की कानपुर में अंधेरगर्दी

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कानपुर के कपड़ा कारोबारी पर जीएसटी विभाग ने 2019-20 के लिए बकाया वसूली 97 हजार निकाली। भुगतान न होने पर बिना नोटिस जारी किए ही बैंक से पहले 97 हजार का डिमांड ड्राफ्ट बनवा लिया. इसके बाद भी दुकान जाकर पांच कपड़े की गांठ जब्त कर ली. इसी तरह किदवईनगर के टाइल्स कारोबारी पर 2017-18 के लिए 9,82,814 रुपये की वसूली निकाली. इसी तरह परफ्यूम कारोबारी पर 2019-20 के लिए 9,72,000 की और कत्था व्यापारी पर भी इसी साल के लिए 35 हजार की बकाया वसूली निकाली.

कारोबारियों के मुताबिक धनराशि वसूली योग्य न होने पर भी जब्ती की कार्रवाई की जा रही है. खास बात ये है कि जब्ती कार्रवाई के संबंध में न तो नोटिस जारी किया जा रहा है और न ही कारोबारी को अपना पक्ष रखने करने का अवसर दिया जा रहा है.

तीनों मामलों में जीएसटी अधिकरण के विवादित कर की 10 फीसदी अतिरिक्त धनराशि प्री-डिपॉजिट के रूप में जमा कराने के बाद भी सीधे वसूली कार्रवाई की गई. बैंक खाता, क्रेडिट लेजर और कैश लेजर को जब्त कर लिया गया. केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड ने पिछले साल आदेश जारी किया था कि जो कारोबारी अधिकरण के स्तर पर विवादित कर की 10 फीसदी धनराशि प्रथम अपील में जमा किए गए प्री-डिपॉजिट के अतिरिक्त 10 फीसदी प्री-डिपॉजिट कर देंगे उनकी बकाया धनराशि की वसूली नहीं की जाएगी. कारोबारियों की ओर से इस प्री-डिपॉजिट जमा को विधिवत जीएसटी के नियमों के अनुपालन के तौर घोषित किया गया था, लेकिन जीएसटी विभाग धारा 79 के तहत वसूली कार्यवाही डीआरसी 16 जारी कर रहा है.

शासन के निर्देश पर जारी की जा रही डीआरसी

कारोबारियों के मुताबिक धनराशि वसूली योग्य न होने पर भी जब्ती की कार्रवाई की जा रही है. खास बात ये है कि जब्ती कार्रवाई के संबंध में न तो नोटिस जारी किया जा रहा है और न ही कारोबारी को अपना पक्ष रखने करने का अवसर दिया जा रहा है. वहीं अपर आयुक्त ग्रेड एक राज्यकर, कानपुर द्वितीय, आरएस विद्यार्थी का कहना है कि शासन के निर्देश पर डीआरसी जारी की जा रही है. सभी को पहले नोटिस जारी किया जा रहा है. यदि किसी भी व्यापारी या उद्यमी को समस्या है तो बता सकते हैं. मामले दिखवाकर उनका समाधान कराया जाएगा.

झांसी में स्कूटी और सोफा सेट किया गया जब्त

जिन मामलों में कारोबारी की प्रथम अपील पूर्ण रूप से अथवा आंशिक रूप से अस्वीकार कर दी गई है, उनमें जीएसटी अधिकरण के समक्ष तीन माह की सीमा अपील के लिए निर्धारित है. अधिकरण गठन के आठ वर्ष होने के बाद भी अभी तक यह कार्य नहीं कर पा रहा है। इस तरह के मामले कानपुर में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में सामने आ रहे हैं. झांसी में विभाग ने पांच हजार की बकाया वसूली में व्यापारी की स्कूटी जब्त कर ली. एक दूसरे मामले में 10 हजार की वसूली के लिए सोफासेट जब्त कर लिया.

जीएसटी विभाग धारा 79 के तहत डीआरसी 16 जारी कर वसूली के लिए खातों को अटैच कर रहा है. अटैचमेंट जारी करने से पूर्व कारोबारियों को कोई नोटिस नहीं दिया जा रहा है, जो धनराशि वसूली योग्य भी नहीं है उस वसूली इस मनमानी प्रक्रिया के तहत की जा रही है.  -संतोष कुमार गुप्ता, चेयरमैन जीएसटी कमेटी, मर्चेंट चैंबर ऑफ उप्र

कई वर्षों पुराना रिकार्ड व्यापारियों-उद्यमियों के पास उपलब्ध न होने का लाभ उठाकर विभाग नोटिस जारी करके जब्ती कार्रवाई कर रहा है. विभाग के पास पुराने भुगतान के सभी प्रमाण मौजूद हैं, इसके बाद भी बैंक खाते आदि जब्त किए जा रहे हैं.  -उमंग अग्रवाल, महासचिव, फीटा

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