लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज नई दिल्ली के इंदिरा भवन ऑडिटोरियम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने CEC पर निशाना साधते हुए कहा कि सबसे पहले, यह हाइड्रोजन बम नहीं है, बल्कि हाइड्रोजन बम आ रहा है. यह इस देश के युवाओं को यह दिखाने और समझाने की दिशा में एक और मील का पत्थर है कि चुनावों में किस तरह धांधली की जा रही है. राहुल गांधी ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए अलग-अलग राज्यों के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया.
राहुल गांधी का दावा है कि जिन बूथों पर कांग्रेस जीतती दिख रही थी, उन्हें निशाना बनाया गया. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि मैं इस मंच पर ऐसा कुछ नहीं कहूंगा जो 100 प्रतिशत सत्य पर आधारित न हो. मैं ऐसा व्यक्ति हूं जो अपने देश से प्यार करता हूं, मैं अपने संविधान से प्यार करता हूं, मैं लोकतांत्रिक प्रक्रिया से प्यार करता हूं और मैं उस प्रक्रिया की रक्षा कर रहा हूं. मैं यहां ऐसा कुछ नहीं कहूंगा जो 100 प्रतिशत प्रमाण पर आधारित न हो.
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि कर्नाटक में अलांद एक निर्वाचन क्षेत्र है. किसी ने 6018 वोटों को हटाने की कोशिश की. हमें नहीं पता कि 2023 के चुनाव में अलांद में कुल कितने वोट हटाए गए. यह संख्या 6018 से कहीं ज़्यादा है, लेकिन कोई व्यक्ति उन 6018 वोटों को हटाते हुए पकड़ा गया और यह संयोग से पकड़ा गया. हुआ यूं कि वहां के बूथ अधिकारी ने देखा कि उसके चाचा का वोट हटा दिया गया है, इसलिए उसने जांच की कि उसके चाचा का वोट किसने हटाया और उसे पता चला कि वोट हटाने वाला उसका पड़ोसी था. उसने अपने पड़ोसी से पूछा, लेकिन उन्होंने कहा कि मैंने कोई वोट नहीं हटाया. न तो वोट हटाने वाले को और न ही जिसका वोट हटाया गया था, उसे पता था. किसी और ताकत ने इस प्रक्रिया को हाईजैक कर लिया और वोट हटा दिया…
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि आइए बात करते हैं कि यह कैसे किया जा रहा है और मैं क्यों कह रहा हूं कि यह एक केंद्रीकृत तरीके से किया जा रहा है और यह किसी व्यक्ति का उपयोग करके नहीं, बल्कि एक सॉफ्टवेयर का उपयोग करके किया जा रहा है.
सीरियल नंबर देखिए… एक सॉफ्टवेयर बूथ में पहला नाम चुन रहा है और उसका उपयोग वोटों को हटाने के लिए कर रहा है. किसी ने यह सुनिश्चित करने के लिए एक स्वचालित प्रोग्राम चलाया कि बूथ पर पहला मतदाता आवेदक ही हो. उसी व्यक्ति ने राज्य के बाहर से मोबाइल फोन मंगवाए, उनका उपयोग आवेदन दाखिल करने के लिए किया, और हमें पूरा यकीन है कि यह एक केंद्रीकृत तरीके से और बड़े पैमाने पर किया गया था. यह कार्यकर्ता स्तर पर नहीं किया गया था; यह पूरी तरह से दूसरे स्तर पर किया गया था.
ज्ञानेश कुमार कर रहे वोट चोरों की रक्षा: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार जी वोट चोरो की रक्षा कर रहे हैं. यह स्पष्ट सबूत है; इसमें कोई भ्रम नहीं है…. राहुल गांधी ने कहा कि आइए जानते हैं कि मैं ज्ञानेश कुमार पर इतना सीधा आरोप क्यों लगा रहा हूं. कर्नाटक में इस मामले की जांच चल रही है. कर्नाटक की सीआईडी ने 18 महीनों में चुनाव आयोग को 18 पत्र भेजे हैं, और उन्होंने चुनाव आयोग से कुछ बहुत ही सरल तथ्य मांगे हैं. पहला, हमें वह डेस्टिनेशन आईपी बताएं जहां से ये फ़ॉर्म भरे गए थे.
दूसरा, हमें वह डिवाइस डेस्टिनेशन पोर्ट बताएं जहां से ये आवेदन दायर किए गए थे. और तीसरा, सबसे महत्वपूर्ण, हमें ओटीपी ट्रेल्स बताएं क्योंकि जब आप आवेदन करते हैं, तो आपको ओटीपी प्राप्त करना होता है. 18 महीनों में 18 बार, कर्नाटक की सीआईडी ने इसके लिए चुनाव आयोग को पत्र लिखा है, और वे इसे नहीं दे रहे हैं. वे इसे क्यों नहीं दे रहे हैं? क्योंकि इससे हमें पता चल जाएगा कि ऑपरेशन कहां हो रहा है. यह काम पूरा हो चुका है और हम पूरी तरह आश्वस्त हैं कि यह किस दिशा में जाएगा.
राहुल गांधी ने भाजपा पर जमकर साधा था निशाना
बता दें कि इससे पहले, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बीते 1 सितंबर को पटना में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के समापन पर ‘वोट चोरी’ से जुड़े अपने पहले के खुलासे का हवाला दिया. उन्होंने दावा किया था कि ‘एटम बम’ के बाद अब ‘हाइड्रोजन बम’ आने वाला है, जिसके बाद पीएम मोदी अपना मुंह नहीं दिखा पाएंगे. उन्होंने बेंगलुरु के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में कथित वोट चोरी का मुद्दा बीते सात अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस जरिये उठाया था. इस खुलासे को उन्होंने ‘एटम बम’ कहा था. ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ के अंतिम दिन एक सभा को संबोधित करते हुए गांधी ने भाजपा पर तीखे हमले करते हुए कहा कि जिन ताकतों ने महात्मा गांधी की हत्या की थी वे अब भारत के संविधान को नष्ट करने की कोशिश कर रही हैं.
भाजपा तैयार हो जाओ: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने पटना में कहा ने था कि जिन ताकतों ने महात्मा गांधी की हत्या की, वही ताकतें डॉ. बीआर अंबेडकर और महात्मा गांधी के संविधान को नष्ट करने की कोशिश कर रही हैं. हम उन्हें भारत के संविधान को नष्ट नहीं करने देंगे… यात्रा के दौरान हमें बहुत समर्थन मिला. बिहार का हर युवा, बच्चा हमारे साथ खड़ा था… मैं भाजपा के लोगों से कहना चाहता हूं कि, महादेवपुरा में, हमने एक परमाणु बम दिखाया था, लेकिन जल्द ही हम एक हाइड्रोजन बम लेकर आएंगे, भाजपा तैयार हो जाओ. उनकी सच्चाई देश को दिखाई जाएगी. मैं बिहार के लोगों का हमारी मदद करने के लिए आभार व्यक्त करता हूं… मैं आपको गारंटी देता हूं, हाइड्रोजन बम के बाद नरेंद्र मोदी जी इस देश को अपना चेहरा नहीं दिखा पाएंगे….
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने वोट चोरी को अधिकारों, आरक्षण, रोजगार, शिक्षा, लोकतंत्र की चोरी करार दिया था। उन्होंने कहा था कि हमने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और लोगों को दिखाया. भारत का चुनाव आयोग हमें मतदाता सूची, वीडियोग्राफी नहीं देता… हमने देश के सामने सबूत पेश किए. ‘वोट चोरी’ का मतलब है हमारे अधिकारों, आरक्षण, रोजगार, शिक्षा, लोकतंत्र की चोरी है. वे आपका राशन कार्ड, जमीन छीन लेंगे और अडानी और अंबानी को दे देंगे.
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में 16 दिनों तक चली ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ का उद्देश्य मतदाता अधिकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और कथित वोट चोरी तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना था. यह अभियान 17 अगस्त को शुरू हुआ था जब राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने सासाराम से एक साथ यात्रा शुरू की थी. वहां से यह रैली औरंगाबाद, गयाजी, सीवान और अन्य 25 जिलों में पहुंची थी.













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