आईआईटी कानपुर में एक और छात्र ने आत्महत्या कर ली. हरियाणा के रहने वाले बीटेक लास्ट ईयर के स्टूडेंट ने अपने हॉस्टल कमरे में फांसी लगा ली. पुलिस के अनुसार दो से तीन दिन तक कमरे में शव लटकता रहा. कमरे से बदबू आने पर साथियों ने आईआईटी प्रशासन को मामले की जानकारी दी. मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम में जांच पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
बुधौली रोड, शकरकुली, महेंद्र गढ़, हरियाणा निवासी सतीश कुमार के बेटे धीरज सैनी आईआईटी में केमिकल इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक फाइनल ईयर के स्टूडेंट थे. धीरज हॉस्टल नंबर एक के 123 नंबर कमरे में रहते थे जहां पर उन्होंने रस्सी के सहारे पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली. कमरे के बाहर अपशिष्ट पदार्थ दिखने और बदबू आने पर साथियों को घटना की जानकारी हुई. धीरज हाईजंप के खिलाड़ी भी थे.
कल्याणपुर इंस्पेक्टर अजय मिश्रा ने बताया कि शव 2 से 3 दिन पुराना था. हॉस्टल में रह रहे साथियों को कमरे से बदबू आने पर घटना की जानकारी हुई. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. परिजनों को भी मामले की सूचना दे दी गई है.
रविवार को आखिरी बार साथियों ने की थी बात: पुलिस की पूछताछ में हॉस्टल में रह गए साथियों ने बताया कि रविवार रात उनकी आखिरी बार धीरज से बात हुई थी. इसके बाद से वह कमरे से बाहर नहीं आया. आईआईटी में चल रहे इवेंट की वजह से स्टूडेंट ज्यादातर वहीं व्यस्त थे. हालांकि तीन दिन तक कमरे में छात्र का शव लटकने की बात आईआईटी प्रशासन की सुरक्षा पर भी सवाल उठाती है.
















Leave a Reply