मध्य प्रदेश और राजस्थान में 11 बच्चों की मौत के बाद कफ सिरप ‘Coldrif’ को यूपी में बैन कर दिया गया है. योगी सरकार ने कफ सिरप “कोल्ड्रिफ” को उत्तर प्रदेश में भी प्रतिबंधित कर दिया गया है. सहायक आयुक्त औषधि ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया. आदेश के मुताबिक, किसी भी सरकारी या निजी दवा की दुकान अथवा अस्पतालों में इस सिरप की खरीद-फरोख्त नहीं होगी. जहां भी कोल्ड्रिफ सिरप पाया जाता है तो उसे जब्त करके सैंपल की जांच कराई जाएगी.
रविवार को सहायक औषधि आयुक्त के स्तर से जारी आदेश में कहा गया है कि मेसर्स स्रेशन फार्मक्यूटिकल द्वारा खास बैच के कोल्ड आरआईएफ़ सिरप में डाईएथिलीन ग्लाइकाल और एथेलिन ग्लाइकाल जैसे विषैले रसायनों की मौजूदगी की आशंका है. ये दोनों रसायन शरीर के लिए बेहद खतरनाक हैं और इनका सेवन जानलेवा साबित हो सकता है.
तिवारी ने अपने आदेश में सभी औषधि विक्रेताओं, सरकारी और गैर-सरकारी अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि उक्त बैच के कफ सिरप की बिक्री, वितरण और उपयोग तत्काल रोका जाए. साथ ही दुकानों व अस्पतालों में उपलब्ध स्टॉक का नमूना जांच हेतु लखनऊ स्थित राज्य औषधि प्रयोगशाला में तत्काल भेजा जाए.
उन्होंने औषधि निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि सभी स्थानों पर औषधि की उपलब्धता की जांच करें और नमूने एकत्र कर ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करें. निर्माण प्रयोगशालाओं को भी कफ सिरप में प्रयुक्त प्रोपलीन ग्लाइकाल के नमूनों की जांच करने को कहा गया है. अपने आदेश में तिवारी ने कहा कि लखनऊ प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद दोषी उत्पादकों और वितरकों पर आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.















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