वृंदावन के पूज्य संत प्रेमानंद महाराज जी के बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए, दिनेश फलाहारी महाराज ने उनके जीवन की रक्षा के लिए एक असाधारण कदम उठाया है. फलाहारी महाराज ने प्रेमानंद महाराज के मंदिर प्रबंधन को एक भावुक पत्र लिखकर उन्हें अपनी एक किडनी दान करने की पेशकश की है. प्रेमानंद महाराज जी लंबे समय से किडनी संबंधी समस्याओं के चलते डायलिसिस पर हैं, जिसने उनके लाखों अनुयायियों के बीच चिंता बढ़ा दी है.
पत्र में क्या लिखा? दिनेश फलाहारी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि यह पेशकश केवल व्यक्तिगत श्रद्धा नहीं, बल्कि सनातन धर्म की सेवा का एक प्रयास है. उन्होंने लिखा है, “संपूर्ण विश्व को हमसे ज्यादा ज़रूरत प्रेमानंद महाराज जी की है.” उन्होंने तर्क दिया कि प्रेमानंद महाराज ने अपने उपदेशों से “संपूर्ण विश्व के युवाओं को सनातन की तरफ मोड़ा है” और उन्हें जीवित रखना सम्पूर्ण समाज का दायित्व है.
फलाहारी महाराज ने अपनी पेशकश को “फलाहारी किडनी” बताते हुए कहा, “हम अपनी एक फलाहारी किडनी को भी उनको देना चाहते हैं, हम भी एक किडनी से जीवन जी लेंगे.” उन्होंने जोर देकर कहा कि सनातन धर्म के ऐसे दिव्य संत को बचाने के लिए वह अपने रक्त का एक-एक कतरा और अपनी किडनी देने को तैयार हैं.
मंदिर प्रबंधन का नहीं आया बयान: उन्होंने आशंका व्यक्त की कि यदि महाराज जी को कुछ होता है, तो उनके करोड़ों फॉलोअर्स बहुत दुखी होंगे. उन्होंने महान संत को बचाने के लिए अपनी किडनी देने की तत्परता दोहराई है. इस पेशकश पर प्रेमानंद महाराज के मंदिर प्रबंधन या चिकित्सा टीम की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.















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