मथुरा: वृंदावन के पूज्य संत श्री प्रेमानंद महाराज ने तीन दिन के अंतराल के बाद आज अपनी नित्य पदयात्रा दोबारा आरंभ कर दी. स्वास्थ्य कारणों से स्थगित हुई इस यात्रा की पुनः शुरुआत होते ही भक्तों में अपार उत्साह देखने को मिला. हाल ही में कराए गए सीटी स्कैन के बाद चिकित्सकों ने महाराज जी को कुछ दिन विश्राम की सलाह दी थी, जिसके चलते पदयात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई थी.
कहां तक निकली पदयात्रा: श्री हित राधा केली कुंज आश्रम से सुनरख तिराहे तक जैसे ही महाराज जी पदयात्रा के लिए निकले, भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा. हजारों की संख्या में श्रद्धालु महाराज जी के दर्शन के लिए सड़क के दोनों ओर खड़े थे. तीन दिनों से जो भक्त केवल आश्रम के बाहर से ही दर्शन कर पा रहे थे, वे आज भावविभोर होकर महाराज जी के चरणों में नतमस्तक दिखे.
भक्ति और उल्लास से गूंजा पूरा परिक्रमा मार्ग: महाराज जी के दर्शन मात्र से वातावरण में भक्ति और प्रेम की लहर दौड़ गई. पूरा परिक्रमा मार्ग “राधे-राधे” के जयघोष से गूंज उठा. श्रद्धालु संकीर्तन करते हुए महाराज जी के साथ आगे बढ़ते रहे. महाराज जी ने हाथ जोड़कर सभी भक्तों का अभिवादन स्वीकार किया. भक्तों के चेहरों पर लंबे समय बाद फिर वही चमक और सुकून लौट आया, जो उनके नित्य दर्शन से मिलती है.
स्वास्थ्य लाभ के बाद भक्तों ने व्यक्त की खुशी: प्रेमानंद महाराज का स्वास्थ्य अब स्थिर बताया जा रहा है. उनके शिष्यों ने बताया कि महाराज जी चिकित्सकीय सलाह का पालन करते हुए सीमित दूरी तक पदयात्रा कर रहे हैं. उनकी झलक पाने के लिए दूर-दूर से आए भक्तों ने इसे दिव्य क्षण बताया. एक भक्त ने कहा, “महाराज जी के दर्शन मात्र से ही सभी कष्ट दूर हो जाते हैं.”
वृंदावन की गलियों में फिर बही आस्था और प्रेम की धारा: महाराज जी के पुनः पदयात्रा आरंभ करने से वृंदावन की गलियां फिर से भक्तिभाव से सराबोर हो उठीं. श्रद्धालुओं का कहना है कि जब तक प्रेमानंद महाराज स्वयं पदयात्रा करते हैं, तब तक वृंदावन का वातावरण जीवंत रहता है. तीन दिन की प्रतीक्षा के बाद जब महाराज जी भक्तों के बीच पहुंचे, तो ऐसा लगा मानो आस्था की धारा फिर से प्रवाहित हो उठी हो.















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