कानपुर में ऑनलाइन मीटिंग में कृषि वैज्ञानिक की हार्ट अटैक से मौत हो गई. कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी) के निदेशक प्रो. शांतनु दुबे (55) 89 कृषि विज्ञान केंद्रों की समीक्षा बैठक कर रहे थे. इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई.
बैठक के बीच उन्हें बेचैनी महसूस हुई. वे पसीने में पूरी तरह भीग गए देखते-देखते वे अपनी कुर्सी से नीचे गिर पड़े. आसपास मौजूद अधिकारियों ने उन्हें संभाला. तुरंत सीपीआर दिया. फिर उन्हें रावतपुर स्थित कार्डियोलॉजी अस्पताल लेकर गए. जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. प्रो. शांतनु का अंतिम संस्कार भैरव घाट पर किया गया. उनकी बड़ी बेटी ने मुखाग्नि दी. इस दौरान दोनों बहनें रो पड़ीं.

प्रोफेसर शांतनु को उनकी बड़ी बेटी ने मुखाग्नि दी. इस दौरान दोनों बहनें रो पड़ीं. ऑनलाइन मीटिंग में बिगड़ी तबीयत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अंतर्गत कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी) कानपुर के निदेशक प्रो. शांतनु दुबे गुरुवार सुबह करीब 11:15 बजे ऑनलाइन मीटिंग ले रहे थे. इसी दौरान वह कुर्सी से नीचे गिर पड़े. उन्हें एक किलोमीटर दूर स्थित कार्डियोलॉजी ले जाया गया जहां उनको मृत घोषित कर दिया गया.
प्रो. शांतनु बुधवार दोपहर ही दिल्ली में आयोजित एग्रोनॉमी की वर्कशाप से लौटे थे. उनकी पत्नी प्रो. उमा शाह भी ICAR में कृषि प्रसार प्रमुख हैं. प्रो. दुबे की 2 बेटियां हैं। श्रेया बंगलौर से MBA कर रही है और छोटी बेटी शैवी इंदौर से बीटेक कर रही है. प्रो. शांतनु मूल रूप से बिहार के भागलपुर के रहने वाले थे. प्रो. शांतनु दुबे ने फरवरी 2023 में कानपुर अटारी के निदेशक के रूप में कार्यभार संभाला था. किसान-सहभागिता अनुसंधान पर उनके कई शोध प्रकाशित हुए हैं. उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेषज्ञ के रूप में पहचान मिली थी.
















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