नहीं रहे श्री प्रकाश जायसवाल, कानपुर के पूर्व सांसद मनमोहन सरकार में रहे कोयला मंत्री

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मनमोहन सरकार में कोयला मंत्री रहे श्री प्रकाश जायसवाल का इलाज के दौरान शुक्रवार की शाम को निधन हो गया. वह काफी दिनों से बीमार चल रहे थे. तबीयत खराब होने के चलते उन्हें कॉर्डिलॉजी लाया गया था जहां उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. कॉर्डियोलॉजी हार्ट विभाग ने जायसवाल के निधन की पुष्टि की है.

आज तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण कानपुर कार्डियोलॉजी ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उनके लालबंगला पोखरपुर स्थित आवास पर पार्थिव शरीर को लाया गया है.

उनकी मौत की सूचना कांग्रेस महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता और ग्रामीण अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने भी दी. उन्होंने बताया कि अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी. उन्हें किदवई नगर स्थित नर्सिंग होम लाया गया था यहां से कॉर्डियोलॉजी रेफर किया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

श्रीप्रकाश जायसवाल उत्तर प्रदेश के कानपुर लोकसभा क्षेत्र से 3 बार सांसद रह चुके थे. वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा चुके हैं. वर्ष 2009 से 2014 के बीच वह केंद्रीय कोयला मंत्री के रूप में सेवा दे चुके थे, जबकि 2004 से 2009 तक गृह राज्यमंत्री रहे.

उनके कुशल प्रशासन और संसदीय बहसों के लिए उन्हें सदन में हमेशा सम्मान प्राप्त रहा.

महापौर से की थी राजनीति की शुरुआत: श्रीप्रकाश जायसवाल का जन्म 25 सितंबर 1944 को कानपुर में हुआ. स्कूली शिक्षा बीएनएसडी इंटर कॉलेज, कानपुर से पूरी की. 28 अप्रैल 1967 को उनका विवाह माया रानी जायसवाल से हुआ. दंपति के दो बेटे, एक बेटी और दो पोते हैं. श्रीप्रकाश जायसवाल ने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1989 में कानपुर शहर के महापौर के रूप में की. इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम बढ़ाया. जायसवाल ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत स्थानीय स्तर से की. वे शहर कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष से लेकर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के संयुक्त सचिव तक रहे.

1990 के दशक में वे कानपुर से पहली बार लोकसभा पहुंचे और उसके बाद 1996, 2004 तथा 2009 में लगातार चुने गए. कोयला मंत्रालय में रहते हुए उन्होंने क्षेत्रीय विकास पर विशेष जोर दिया, जबकि गृह मंत्रालय में आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था के मुद्दों पर उनकी सक्रियता सराहनीय रही. हृदय संबंधी बीमारी थी काफी समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे जायसवाल की हालत पिछले कुछ दिनों में और अधिक नाजुक हो गई थी.

परिवार के सदस्यों के अनुसार, आज सुबह से उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई थी, देर शाम उन्हें कार्डियोलॉजी अस्पताल पहुंचाया गया. वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उनके निधन की पुष्टि की. मृत्यु का मुख्य कारण हृदय संबंधी जटिलताएं बताई जा रही हैं.

उनके निधन पर प्रधानमंत्री, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत देश के कई प्रमुख नेताओं ने शोक व्यक्त किया है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी. कानपुर में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने साझा शोक सभा आयोजित करने की घोषणा की है. श्रीप्रकाश जायसवाल के पार्थिव शरीर को कल सुबह कानपुर में ही अंतिम विदाई दी जाएगी.

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