UP में मतदाता विशेष पुनरीक्षण अभियान में लगे एक और बीएलओ ने जान दे दी है. रविवार की सुबह मुरादाबाद में बीएलओ का काम कर रहे 45 वर्षीय टीचर सर्वेश सिंह ने अपने घर के अंदर ही फांसी का फंदा लगाकर जान दी है. उनकी जेब से सुसाइड नोट भी मिला है. बेसिक शिक्षा अधिकारी को संबोधित इस सुसाइट लेटर में बीएलओ ने टार्गेट के टेंशन और अधिकारियों के दबाव को कारण बताया है. यूपी में एसआईआर शुरू होने के बाद से अब तक सात बीएलओ की मौत हो चुकी है. इनमें तीन ने सुसाइड किया है.

नोट में उन्होंने लिखा- रात-दिन काम करता रहा फिर भी SIR का टारगेट हासिल नहीं कर पा रहा हूं. रात बहुत मुश्किल और चिंता में कटती है. सिर्फ 2 से 3 घंटे सो पा रहा हूं. 4 बेटियां हैं, 2 की तबीयत कई दिनों से खराब है. मैं जीना तो चाहता हूं पर क्या करता, मुझे बहुत बेचैनी है. घुटन और अपने आपको डरा महसूस कर रहा हूं. मेरी 4 छोटी बेटियों का ख्याल रखना बहुत मासूम हैं. अगर समय ज्यादा होता तो शायद मैं इस काम को पूरा कर देता. जो वक्त था वह मेरे लिए पर्याप्त नहीं था. क्योंकि, मैं अपने जीवन में पहली बार BLO बना था.
मामला भोजपुर के बहेड़ी गांव का है. सर्वेश सिंह भगतपुर टांडा थाना क्षेत्र के गांव जाहिदपुर सिकंदरपुर कंपोजिट स्कूल में सहायक अध्यापक थे. 7 अक्टूबर को उन्हें BLO बनाया गया था. यूपी में SIR शुरू होने के बाद से 7 BLO की जान जा चुकी है. इसमें 3 ने सुसाइड किया. जबकि 3 की मौत हार्ट अटैक और एक की जान ब्रेन हेमरेज से गई.

मालूम हो कि 4 दिसंबर फॉर्म जमा करने की आखिरी डेट SIR यानी वोटर लिस्ट के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण में फॉर्म जमा करने की आखिरी डेट 4 दिसंबर है. बीएलओ ड्यूटी में लगे कर्मचारियों का कहना है कि अभी बहुत सारे लोगों के फॉर्म जमा नहीं हो पाए हैं जबकि अफसरों का दबाव बढ़ता जा रहा है। यही वजह है कि बीएलओ परेशान हो गए हैं.
















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