कानपुर में हाईस्कूल टॉपर रहे लड़के ने ट्रेन से कटकर जान दे दी. आज उसका 12वीं का फिजिक्स का प्री-बोर्ड एग्जाम था. वह सोमवार सुबह घर से बाइक लेकर निकला. काफी देर तक नहीं लौटा तो बहन ने कई बार कॉल की, लेकिन फोन नहीं उठा.
पिता घबराकर खोजने निकले तो जूही यार्ड के पास बेटे की बाइक खड़ी मिली. कुछ कदम आगे बढ़े तो पटरियों के पास बेटे की खून से सनी लाश देखी. पिता आलोक पाठक फफक कर रोने लगे। उन्होंने कहा- कभी सोचा नहीं था कि मेरा इकलौता बेटा ऐसा करेगा. वो इतना होनहार था कि कोचिंग ने उसकी फीस तक माफ कर दी थी. 17 साल का रौनक पाठक साकेत नगर का रहने वाला था. वह बृज किशोरी देवी मेमोरियल इंटर कॉलेज में 12वीं का स्टूडेंट था. रौनक ने 97.4% अंक के साथ 2023 में हाईस्कूल एग्जाम पास किया था. उसने कानपुर जिले में टॉप किया था.

पिता बोले- समझ ही नहीं आ रहा, बेटे ने ऐसा क्यों किया? पोस्टमॉर्टम हाउस पर रोते हुए पिता बोले- समझ ही नहीं आ रहा, बेटे ने ऐसा क्यों किया? मृतक छात्र के पिता आलोक पाठक प्राइवेट नौकरी करते हैं. परिवार में मां ललिता और बड़ी बहन मिनी हैं. पिता ने बताया- सोमवार सुबह 6.30 बजे रौनक बाइक लेकर कहीं निकला. काफी देर तक नहीं लौटा तो मैंने और बेटी ने उसे कॉल की. उसका फोन नहीं उठा तो हम लोगों ने उसके दोस्तों को कॉल मिलाई. रौनक का जब कहीं कुछ नहीं पता चला तो हम लोग घबरा गए. उसे आसपास खोजने के लिए निकले. जैसे ही रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचे तो देखा कि रौनक की बाइक किनारे खड़ी थी. कुछ कदम आगे बढ़े तो पटरियों के पास रौनक का शव खून से लथपथ पड़ा था.
बेटे की लाश देख मां बेहोश हुई : पिता आलोक पाठक ने कहा- बेटा रौनक पढ़ाई में बहुत होनहार था. बेटे की लाश देख मां बेहोश हुई बेटे की लाश देखते ही मां ललिता बेसुध हो गईं. होश आने के बाद वह लगातार यही कह रहीं कि ऐसी क्या मजबूरी थी, जो रौनक ने अपनी जान दे दी. उसके बिना अब हम लोगों का क्या होगा.
इधर, हादसे की सूचना पर GRP मौके पर पहुंची. इंस्पेक्टर ओम नारायण सिंह ने बताया कि छात्र के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया गया है. अभी उसकी आत्महत्या की वजह सामने नहीं आई है. रौनक के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही. उसके दोस्तों से भी पूछताछ की जा रही है.
















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