कानपुर के जूही में फेसबुक पर विज्ञापन देखकर कारोबारी ने 35 टन खाद्य तेल का सौदा तय किया. शातिरों के झांसे में आए कारोबारी को शातिरों ने फर्जी भार कांटा पर्ची और ई-वे बिल भेजकर माल के 34 लाख का भुगतान करा लिया.
चौंकाने वाली बात सामने तब आई जब शातिरों ने माल की जगह पानी भेज दिया. खुलासा होने पर पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है.
जून माह में संपर्क किया था: यशोदा नगर के पी ब्लॉक निवासी अनिल कुमार दीक्षित खाद्य तेल का कारोबार करते हैं. वह नवग्रह एडिबल ऑयल्स के प्रबंधक हैं, जबकि फर्म के प्रोप्राइटर शिवम खंडेलवाल हैं.
अनिल कुमार ने बताया कि शिवम का जून माह में सोशल मीडिया के माध्यम से जूही निवासी नितिन, सुरेश अदुकिया से संपर्क हुआ. उसने बताया कि वह खाद्य तेल का व्यापार कमीशन एजेंट के रूप में करता है. वह दक्षिण भारत से फैटी एसिड व खाद्य तेल के सप्लायरों को जानते हैं. अच्छे और गुणवत्तापूर्ण माल दिलाने की भी बात कही.
दावा किया कि वह बाजार भाव से कम रेट पर माल दिला सकते हैं. इसके बाद मदुरै तमिलनाडु निवासी महेंद्र विनो विशाल व कवि से बात कराई. बातचीत में बताया कि कवि फर्म में मैनेजर हैं. महेंद्र व कवि की बात पर यकीन कर शिवम खंडेलवाल ने 92.5 रुपए के हिसाब से 35 टन माल का ऑर्डर नितिन, सुरेश अदुकिया को दिया। इसके बाद माल लेने चालक पीरा राम को टैंकर लेकर कानपुर से भेजा.
कांटा पर्ची निकली फर्जी: अनिल के अनुसार 29 अक्टूबर को शातिरों ने फोन करके बताया कि टैंकर लोड हो गया है और भुगतान कर दें. 31 अक्टूबर को आरोपियों के बताए खाते में करीब 34 लाख का भुगतान कर दिया. इसके बाद फर्जी बिल व कूटरचित कांटा पर्ची उनके वॉट्सऐप पर भेजी गई. बाद में चालक ने बताया कि कांटा पर्ची फर्जी भेजी गई है. उसने अलग से माल का भार कराया तो करीब 24 टन माल निकला.
संदेह के बाद चालक ने माल की गुणवत्ता की जांच कराई तो वह पानी निकला. जूही थाना प्रभारी कृष्ण कुमार पटेल ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है.
















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