मासूमों की मौत: बिजनौर में गले मे टॉफी अटकने और बुलंदशहर में गुब्बारा फंसने से बच्ची की मौत

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UP के बिजनौर और बुलंदशहर में टॉफी और गुब्बारे ने दो मासूमों की जान ले ली है. बिजनौर में ढाई साल के बच्चे के गले में टॉफी फंसने से उसकी मौत हो गई. वहीं, बुलंदशहर में 12 साल की बच्ची की सांस की नली में गुब्बारा फंसने से जान चली गई है. बच्चों के साथ हुए इस तरह के हादसे से दोनों परिवार में कोहराम मचा है. बिजनौर में नहटौर के ग्राम चक गोवर्धन में घटना हुई है. बुलंदशहर में पहासू के गांव दीघी में घटना हुई.

टॉफी गले में अटकी, मासूम की मौत: जानकारी के मुताबिक ये दर्दनाक हादसा बिजनौर के नहटौर थाना क्षेत्र के गांव चक गोवर्धन में हुआ. इस गांव के रहने वाले शमशाद अहमद के ढाई साल के बेटा सैफे ने टॉफी खा ली. उसी दौरान, अचानक से टॉफी बच्चे के गले में फंस गई जिससे उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी. खबरों की मानें तो, टॉफी गले में फंसने की वजह से उसका दम घुटने लगा था और वो बेहोश हो गया था. आनन फानन में बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां पर चिकित्सकों ने ढाई वर्षीय बच्चे सैफ को मृत घोषित कर दिया.

इसके बाद परिजन उसे धामपुर के एक निजी अस्पताल ले गए, वहां भी उन्हें मायूसी ही हाथ लगी. सांस की नली में टॉफी अटकने से मासूम बच्चे की मौत हो गई. मासूम बच्चे की मौत के बाद इस घटना से पूरे परिवार में शोक का माहौल है.

पिता लगाते हैं फेरी: मृतक बच्चे के पिता शमशाद अहमद जगह-जगह जाकर फेरी लगाकर दाल बेचने का काम करते हैं. कुछ समय पहले ही परिवार गोहावार से चक गोवर्धन आकर बसा था. अचानक हुई इस त्रासदी ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है और हर किसी की आंख नम है.

बुलंदशहर में गुब्बारा फंसने से बच्ची की मौत: छोटे भाई के लिए फूला रही थी गुब्बारा कुमकुम का छोटा भाई तनुज गुब्बारा फुलाते बहन के पास पहुंचा था. अधिक हवा भरने से गुब्बारा फट गया, जिससे तनुज रोने लगा. कुमकुम ने भाई को चुप कराते हुए फूटे गुब्बारे का छोटा टुकड़ा लेकर उसे फुलाने तो वह भी फूट गई. दोबारा भाई के लिए गुब्बारे की पोटली बनाते समय वह अचानक उसके गले के अंदर फंस गई और कुमकुम की सांस रुक गई.

बिटिया की मौत से परिवार ने मचा कोहराम: खेल-खेल में काल बने गुब्बारे के कारण कुमकुम की मौत से पूरा परिवार सदमे में है. कुमकुम के चाचा दिनेश सूर्यवंशी ने बताया कि चार बहनों में दूसरे नंबर की बिटिया पढ़ने में बहुत होशियार थी, अपनी क्लास में सदा अव्वल आती थी. चार बहनें केसर, प्रयांशी और दीपांशी में दूसरे नंबर की थी कुमकुम. उसके दो छोटे भाई लक्ष्य और तनुज भी हैं.

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