कानपुर के हैलट में जूनियर डॉक्टर ने जिंदा मरीज को मरा घोषित कर दिया. शव का पोस्टमॉर्टम कराने के लिए स्वरूपनगर थाने को सूचना भेज दी. पुलिस बॉडी को हैलट की मॉर्चुरी में जमा कराने लगी तो मरीज जिंदा मिला.
इसके बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके सिंह मौके पर पहुंचे. लापरवाही बरतने वाले तीन जूनियर डॉक्टरों को कड़ी फटकार लगाई. इस पर डॉक्टरों ने अपनी गलती मानते हुए कहा- सॉरी सर, आगे से ध्यान रखेंगे. गलती हो गई. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने कहा- कमेटी बनाकर जांच के आदेश दिए गए हैं. वहीं, लापरवाही करने पर जूनियर डॉक्टर हिमांशु मौर्य, स्टाफ नर्स सन्नी सोनकर, वार्ड आया रहनुमा को सस्पेंड कर दिया गया है.
जांच के लिए कमेटी बनी, 48 घंटे में रिपोर्ट देगी: प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके सिंह ने बताया- निश्चित रूप से जूनियर डॉक्टरों की लापरवाही सामने आई है. जूनियर डॉक्टरों से जवाब मांगा गया है. जूनियर डॉक्टर ने अपनी गलती मान ली है कि धोखे में गलत फाइल भर दी. बाद में फाइल दुरुस्त कराकर फिर पुलिस को भेजी गई.
मामले की स्थिति साफ करने के लिए प्राचार्य ने कमेटी बनाकर जांच के आदेश दिए हैं. जांच उप-प्राचार्य रिचा गिरि की अगुआई में होगी। 48 घंटे में कमेटी रिपोर्ट देगी. अस्पताल आए परिजनों से विनोद के पास रहने और उनकी देखभाल करने के लिए कहा गया. आराम मिलने पर घर ले जाने को कहा गया. तब विनोद के परिजनों ने कहा कि उसे घर में कहां रखेंगे. यहीं पर रहने दो. इसके थोड़ी ही देर बाद विनोद के परिवारवाले गायब हो गए.
















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