कानपुर मेयर व पार्षद विवाद सड़क पर आया, प्रदर्शन-नारेबाजी; प्रभारी मंत्री से शिकायत

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पुनीत शुक्ला, कानपुर।
कानपुर में रविवार को भाजपा के पार्षदों और महापौर के बीच चल रहा विवाद खुलकर सड़क पर आ गया. मोतीझील में हुए जिस कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री और प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे, वहां वार्ड 37 के संतलाल हाते में रहने वाले लोग भी पहुंच गए.

हाथों में पोस्टर बैनर लेकर मोतीझाील पहुंचे संतलाल का हाता निवासियों ने महापौर प्रमिला पांडेय के बेटे बंटी पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि बंटी उनकी बस्ती पर कब्जा करना चाहता है. वह बस्ती खरीदकर वहां मॉल बनाना चाहता है.

इसलिए वह गरीबों को बेघर कर रहा है. महिलाओं ने कहा कि बंटी का कहना है कि हमारी जिस पर नजर आ जाती है, उसे हासिल करके रहते हैं। इसीलिए वह बस्ती के पीछे पड़ा है.

मंत्री का घेराव करने पहुंचे थे लोग: कानपुर के वार्ड-37 संतलाल हाता में रहने वाले लोग रविवार को मोतीझील स्थित सरस मेले में प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का घेराव करने पहुंचे थे. वह मंत्री से मिलकर अपनी समस्या बताना चाहते थे. इसके साथ ही वह महापौर प्रमिला पांडेय और उनके बेटे बंटी के प्रति अपना आक्रोश जताने के लिए पोस्टर बैनर लेकर पहुंचे थे. उनका कहना था कि वह मंत्री से मिलकर अपनी समस्याएं सीधे उनके सामने रखना चाहते हैं.

लेकिन लोगों की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भीड़ को रोक लिया. अधिकारियों ने लोगों से अपील करी कि सिर्फ चार लोग ही अपनी समस्या को लेकर प्रभारी मंत्री से मिले. वहीं पुलिस ने अन्य लोगों को कार्यक्रम स्थल से दूर भेज दिया, जिससे अव्यवस्था न फैले जिसके बाद लोगों ने मंत्री से मिलकर अपना ज्ञापन सौंपा है.

3000 लोगों के लिए सिर्फ एक शौचालय: प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि शहर की पॉश कॉलोनी के बीच स्थित संतलाल हटा इलाके में करीब 3000 लोगों के पास निजी शौचालय नहीं हैं. पूरे इलाके के लिए सिर्फ एक सामूहिक शौचालय है, जिस पर पूरी आबादी निर्भर है. हर सुबह लोगों को लंबी लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और नौकरीपेशा लोगों को भारी परेशानी होती है.

मुद्दा उठाने पर पार्षद हुआ सस्पेंड: इलाके के लोगों का आरोप है कि जब वार्ड पार्षद पवन गुप्ता ने नगर निगम के सदन में शौचालय की समस्या उठाने की कोशिश की, तो उन्हें सस्पेंड कर दिया गया. इसके बाद से ही लोगों में आक्रोश है और अब वे अपनी बात प्रभारी मंत्री तक पहुंचाने के लिए मोतीझील पहुंचे हैं.

भारी पुलिस बल रहा तैनात, हालात पर नजर: विरोध प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया. एडीएम सिटी डॉ राजेश कुमार और एडिशनल डीसीपी अर्चना सिंह भी मौके पर पहुंच गई और उन्होंने इलाके के लोगों से बात की. तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए उन्होंने लोगों से अपील करी कि सिर्फ 4 लोग मंत्री से मिलकर अपनी समस्या बताएं और बाकी लोग घर वापस लौट जाए जिसके बाद इलाके के लोगों ने भी उनकी बात मान ली.

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