पुनीत शुक्ला, कानपुर।
कानपुर के सजेती थाना क्षेत्र के टिकवांपुर गांव में अवैध संबंधों के चलते 7 बच्चों की मां की निर्मम हत्या का मामला सामने आया है. प्रेमी ने महिला की हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसके शव को जमीन में दफन कर दिया था. पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर 10 महीने बाद जमीन खोदकर महिला का कंकाल बरामद कर लिया है. इसका खुलासा तब हुआ, जब महिला अपने बेटे के बुलाने पर शादी में घर नहीं पहुंची. बेटा प्रेमी के घर पहुंचा, तो मां नहीं मिली.
प्रेमी से पूछा तो उसने कहा- तुम्हारी मां अब कभी नहीं आएगी. इसके बाद बेटे ने शक के आधार पर प्रेमी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने प्रेमी को पकड़कर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने जुर्म कबूल कर लिया.
पुलिस को बताया- पति की मौत के बाद महिला मेरे साथ रहती थी. मैं उसे छोड़ना चाहता था. उसे भाई के साथ रहने को कहता, लेकिन उसने मेरी बात नहीं मानी. इसके बाद मैंने गला दबाकर उसे मार डाला. प्रेमी की निशानदेही पर ACP कृष्णकांत यादव फोर्स के साथ उसके गांव पहुंचे.
गांव में टावर के पास बुधवार रात 11 बजे जमीन खोदी गई. टार्च की लाइट में 7 फीट गड्ढा खोदने पर महिला का कंकाल बरामद हुआ. कंकाल बैठी हुई स्थिति में था. फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए. इसके बाद कंकाल को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया.
पति की मौत के बाद प्रेमी संग रहने लगी थी: टिकवांपुर गांव के रहने वाले बबलू ने बताया- मैं और मेरे 4 भाई व 3 बहनें हैं. इनमें से 2 बहनों की शादी हो चुकी है. 3 साल पहले मेरे पिता रामबाबू संखवार की मौत हो गई. इसके बाद मां रेशमा (45) घर छोड़कर गांव के ही गोरेलाल के साथ रहने लगी थीं. गोरेलाल का घर 300 मीटर दूर है.
शादी में नहीं पहुंची तो बेटे को शक हुआ: मां के जाने के बाद हम लोगों ने उनसे मतलब रखना छोड़ दिया था. अप्रैल में गोरेलाल मां को लेकर इटावा चला गया. जब वह लौटकर आया तो मैंने उससे पूछा कि मां कहां हैं, तो उसने बताया कि वह वहीं काम करेंगी और अगले साल आएंगी. 29 नवंबर को परिवार में शादी थी. इसमें मैंने मां को न्योता भिजवाया, लेकिन मां शादी में नहीं पहुंचीं. हालांकि, हमने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया.
‘गोरलाल ने मुझे बताया- मां को मार दिया’: बेटे ने बताया- 5 दिन पहले गोरेलाल मुझसे मिला. वह नशे की हालत में था. मैंने उससे पूछा कि मां कहां हैं? तब उसने कहा- मां अब कभी नहीं आएगी, उसे मारकर फेंक दिया है. इस पर मेरा उससे झगड़ा हो गया. सूचना मिलते ही पुलिस पहुंच गई. इसके बाद गोरेलाल को पकड़कर थाने ले गई. उसका शांति भंग में चालान कर दिया गया. बाद में पता चला कि गोरेलाल छूटकर आ गया है. इसके बाद 5 जनवरी को घाटमपुर ACP को तहरीर देकर शिकायत की.
हत्याकांड का कैसे खुला राज: पुलिस ने 6 जनवरी को गोरेलाल को पकड़ लिया. पहले तो उसने आनाकानी की, फिर 7 जनवरी की शाम को उसने जुर्म कबूल कर लिया. उसने बताया कि शव को गांव में ही दफनाया है. इसके बाद 7 जनवरी की शाम को ही पुलिस आरोपी की बताई जगह पर पहुंची, तो उसने कहा- जिस वक्त मैंने शव को दफनाया, मैं नशे में था, इस वजह से मुझे सही जगह मालूम नहीं है.
इसके बाद पुलिस उसे फिर से थाने ले गई. सख्ती बरती तो उसने सही जगह बताई. कहा- मैंने घर से डेढ़ किमी दूर बच्चूलाल के ट्यूबवेल के पास स्थित टावर के नीचे गाड़ा है. देर रात ACP कृष्णकांत यादव 6 थानों की फोर्स के साथ पहुंचे. 4 मजदूरों को बुलाया गया. आधे घंटे तक खुदाई की गई. इसके बाद महिला का कंकाल मिला. साथ में एक गली हुई साड़ी भी मिली, जिसे देखकर बेटे ने बताया कि यह उसकी मां की है. इस दौरान गांव के करीब 150 लोग मौजूद रहे.
प्रेमी का कबूलनामा
-प्रेमी ने पुलिस को बताया- हत्या के बाद वह दो दिन तक लाश छिपाने की प्लानिंग करता रहा. जगह ढूंढता रहा. पहले नहर में फेंकने की प्लानिंग की, फिर शक हुआ कि शव उतराएगा तो पहचान हो जाएगी और पकड़ा जाएगा. इसके बाद जमीन में उसने 7 फीट गहरा गड्ढा खोदा और शव को दफना दिया.
-उसने बताया कि अप्रैल 2025 में रेशमा के साथ इटावा गेहूं की फसल काटने गए थे. वहां से रेशमा दो-तीन दिन में लौट आईं. दोबारा गेहूं काटने जाने के लिए तैयार नहीं थीं. तब मेरा उससे झगड़ा हुआ. फिर मैं रेशमा के साथ नहीं रहना चाहता था. मैंने रेशमा से कहा कि तुम मेरे भाई के साथ रिश्ते में रहो. इसका रेशमा ने विरोध किया, फिर रोज-रोज लड़ाई-झगड़ा करने लगीं. इससे छुटकारा पाने के लिए मैंने गला दबाकर रेशमा को मार डाला.
ACP कृष्णकांत यादव ने बताया-“आरोपी से पूछताछ जारी है। हत्या कब और किन परिस्थितियों में की गई, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी.”
















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