कानपुर का भी इंदौर जैसा हाल: पार्षद बोलीं-मैं प्रेग्नेंट हूं, गंदा पानी पीना पड़ रहा, मेट्रो को जिम्मेदार ठहराया

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मैं अभी प्रेग्नेंट हूं. यहां 4 मोहल्लों में इंदौर की तरह मलमूत्र जैसा पानी आ रहा है. इसकी शिकायत मैंने जलकल विभाग से की है। अगर 2 दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मैं मंगलवार से भूख हड़ताल पर बैठूंगी. अगर मुझे और मेरे बच्चे को कुछ हुआ तो इसकी जिम्मेदार मेट्रो और जलकल विभाग की होगी.

ये कहना है कानपुर में वार्ड 14 की पार्षद शालू सुनील कनौजिया का. उन्होंने शुक्रवार को वीडियो जारी करके कहा- मैं अपने इलाके में गंदे पानी की समस्या लगातार उठा रही हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अपने वार्ड की समस्या के लिए अब आंदोलन करने को तैयार हूं.

4 मोहल्ले हो रही है गंदे पानी की सप्लाई: वार्ड नंबर-14 की पार्षद शालू सुनील कनौजिया ने कहा- मेरे वार्ड के 4 मोहल्लों संत रविदास नगर, विनोवा नगर, बुद्ध विहार और राखी मंडी में लगातार पीने के पानी की सप्लाई में गंदगी आ रही है. सप्लाई में दुर्गंध युक्त मल-मूत्र वाला पानी आ रहा है, पीना तो दूर, जिससे नहाया भी नहीं जा सकता है जिसकी शिकायत लगातार की जा रही है.

नगर आयुक्त और मेयर से इस समस्या के बारे में कई बार बताया जा चुका है लेकिन अधिकारी इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं. इसलिए अब हम इलाके के लोगों के साथ आंदोलन करने को मजबूर हैं.

पार्षद शालू कनौजिया ने कहा- वह भूख हड़ताल करेंगी. अगर उन्हें या उनके बच्चे को कुछ हुआ तो इसका जिम्मेदार मेट्रो और जलकल विभाग होगा.

मेट्रो की खुदाई के बाद से है समस्या: इलाके में मेट्रो का प्रोजेक्ट चल रहा है. पार्षद ने बताया कि इलाके में मेट्रो ने अपनी पाइन लाइन डाली थी जिसके बाद से लगातार समस्या बनी हुई है. कई इलाकों में जलभराव की समस्या है और पीने की सप्लाई में भी गंदा पानी आ रहा है लेकिन अधिकारी आमजनों की समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं.

जलकल विभाग के जीएम आनंद त्रिपाठी ने कहा- गोविंदनगर विधायक सुरेंद्र मैथानी शुक्रवार को गोविंद नगर कच्ची बस्ती पहुंचे। यहां बस्ती के अंदर पहुंचने के लिए उन्हें गंदे पानी के बीच से होकर जाना पड़ा. पूरे इलाके में सड़क पर गंदा पानी भरा हुआ है, जिसके कारण लोगों को हर दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

विधायक ने लोगों को आश्वासन दिया कि जल्द ही इस समस्या का निस्तारण होगा. उन्होंने कहा- 15वें वित्त में नगर निगम में इस समस्या के निस्तारण के लिए डेढ़ करोड़ रुपए का बजट जारी किया गया है. इस बजट से जलभराव की समस्या को खत्म किया जाएगा और इलाके में सीवर और जलनिकासी के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे.

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