पुनीत शुक्ला, कानपुर।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कानपुर में एक प्रेस वार्ता के दौरान मजदूरों और किसानों के लिए 125 दिन के रोजगार की गारंटी का ऐलान किया. उन्होंने केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत गारंटी आजीविका मिशन अधिनियम’ (वी.जी. रामजी) को एक ऐतिहासिक कदम बताया, जिसका उद्देश्य देश के गरीब, किसान और श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाना है.
उपमुख्यमंत्री पाठक ने कहा कि हाल ही में संसद से पारित इस अधिनियम को लेकर विपक्षी दलों द्वारा भ्रम और गलत जानकारी फैलाई जा रही है. उन्होंने इस भ्रम को दूर करने और जनता को सही जानकारी देने के उद्देश्य से प्रेस के माध्यम से अपनी बात रखी. पाठक ने स्पष्ट किया कि यह कानून सीधे तौर पर श्रमिकों की आजीविका, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा है.
पाठक ने मनरेगा योजना का भी उल्लेख किया और उसकी कमियों को उजागर किया. उन्होंने बताया कि मनरेगा में फर्जी और डबल जॉब कार्ड, समय पर भुगतान न होना, संपत्ति सृजन का स्थायी रिकॉर्ड न होना और केवल 100 दिनों की रोजगार गारंटी जैसी अनियमितताएं थीं. इससे मजदूरों के सामने शेष दिनों में आजीविका का संकट बना रहता था.
उन्होंने बताया कि ‘वी.जी. रामजी अधिनियम’ के तहत रोजगार गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है. इससे ग्रामीण मजदूरों को अधिक दिनों तक सुनिश्चित काम मिल सकेगा. अधिनियम में यह भी प्रावधान है कि यदि किसी मजदूर ने काम के लिए आवेदन किया और ग्राम पंचायत समय पर काम उपलब्ध नहीं करा पाई, तो उसे बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा. यह प्रावधान प्रशासन की जवाबदेही तय करेगा और मजदूरों के शोषण को रोकेगा.
उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गरीब, मजदूर और किसान हमेशा प्रधानमंत्री के प्राथमिक एजेंडे में रहे हैं. केंद्र और प्रदेश सरकार मिलकर यह सुनिश्चित कर रही है कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती मिले.
















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