मेरठ के कपसाड़ गांव से एक दलित लड़की को ठाकुर बिरादरी का युवक दिनदहाड़े उठाकर ले गया था. लड़की को बचाने आई उसकी बुजुर्ग मां की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी थी.
वारदात के 3 दिन बाद शनिवार को आरोपी पारस और उसके साथ गई रूबी को पुलिस ने सहारनपुर से बरामद कर लिया. पुलिस दोनों को लेकर मेरठ रवाना हो गई है.
SSP विपिन ताडा ने बताया- युवती को बरामद कर लिया गया है। साथ ही युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है. मेरठ और सहारनपुर पुलिस ने यह कार्रवाई की है. उनको मेरठ लाया जा रहा है. लोग शांति व्यवस्था बनाए रखें.
मुखबिरों और सर्विलांस से मेरठ पुलिस को अहम सुराग मिले थे. इसी आधार पर कार्रवाई की गई. दोनों से पूछताछ की जाएगी, तभी कुछ सामने आ पाएगा.

एसएसपी मेरठ डॉ.विपिन ताडा ने बताया कि हत्यारोपी की गिरफ्तारी के लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस लगाए गए थे, इसके अलावा मैनुअल मुखबिरी भी हो रही थी. युवती और हत्यारोपी तक पहुंचने के बाद परिजनों और पड़ोसियों से भी पूछताछ की गई थी. मेरठ पुलिस को यहीं से दोनों का सुराग मिला था. उन्होंने बताया, युवती और हत्यारोपी को मेरठ लाया जा रहा था. उनसे पूछताछ के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने माहौल खराब करने वालों को भी चेताया. एसएसपी ने कहा, गांव का माहौल न खराब किया जाए. किसी भी व्यक्ति को शांति व्यवस्था खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. अगर को इस तरह की हरकत करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
खेत पर जाते समय मां की हत्या कर बेटी का हुआ था अपहरण: मेरठ के कपसाड़ गांव में गुरुवार सुबह करीब आठ बजे दलित महिला सुनीता अपनी 21 साल की बेटी रूबी के साथ गुरुवार सुबह गन्ना छीलने खेत पर जा रही थी. गांव के बाहर रजवाहा पुल पर गांव निवासी पारस सोम ने अपने साथी सुनील और दो अन्य के साथ मिलकर मां-बेटी पर हमला कर दिया. आरोपियों ने रूबी का अपहरण कर लिया. रूबी की मां सुनीता, आरोपियों से भिड़ गई तो उनके सिर पर फरसा मारकर हत्या कर दी थी. वारदात के बाद से ही गांव में तनाव फैल गया था. गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस-पीएसी को लगाया गया. एसपी देहात, एएसपी और सीओ सरधना ने भी सरधना में कैंप किया था.
युवती की बरामदगी को लगीं थीं टीमें: एसपी देहात अभिजीत कुमार के नेतृत्व में पांच टीमों को युवती की बरामदगी के लिए लगाया गया है. मृतका के बेटे नरसी की ओर से पारस सोम और सुनील को नामजद करते हुए कुछ अज्ञात पर मां की हत्या और बहन के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया था. घटना से आक्रोशित परिजनों ने महिला के शव का अंतिम संस्कार करने से भी मना कर दिया था. हालांकि शुक्रवार की देर शाम अफसरों के समझाने के बाद परिजनों ने महिला का अंतिम संस्कार कर दिया था लेकिन युवती की बरामदगी और हत्यारोपी की गिरफ्तारी पर अड़े रहे.
















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