कानपुर आये मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के सामने BJP कार्यकर्ताओं की नाराजगी भी खुलकर सामने आई. संवाद के बीच भाजपा के सहकारिता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विजय गौड़ ने योगी से सीधे पूछ लिया कि आखिर हम लोग अयोध्या क्यों हार गए?
जवाब में योगी ने हार का कारण बाद में बताने को कहा. वहीं, अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं ने विजय से चुप रहने की बात कहते हुए उन्हें बैठा दिया. दरअसल, योगी आदित्यनाथ कानपुर में जनसभा के बाद मर्चेंट चैंबर हॉल पहुंचे. सीसामऊ उपचुनाव से पहले वहां के विधानसभा के मंडल अध्यक्ष, बूथ प्रभारी, सभी मोर्चों के अध्यक्षों और पार्षदों की मौजूदगी सीधा संवाद शुरू किया. इस दौरान योगी ने कोई भाषण नहीं दिया. मंच से माइक संभालते हुए वह करीब 30 मिनट तक सीधे बातचीत करते रहे. योगी ने सबसे पहले सीसामऊ विधानसभा के तीनों मंडल अध्यक्षों अभिमन्यु सक्सेना (कौशलपुरी), गौरव पांडेय (रायपुरवा), करन यादव (चुन्नीगंज) से बातचीत शुरू की. उन्होंने मंडल अध्यक्षों से पूछा- सभी बूथों पर पद भरे हुए हैं या नहीं?
योगी के साथ मंच पर सभी प्रमुख नेता मौजूद थे. पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करते वक्त चुनावी सवाल सबसे ज्यादा हुए। योगी बोले- रामपुर की तरह सीसामऊ सीट भी जीतेंगेयोगी ने रामपुर विधानसभा का उदाहरण देते हुए कहा- उस सीट पर 60 फीसदी मुस्लिम और 40 फीसदी हिंदू रहते हैं. सीसामऊ सीट में 60 फीसदी हिंदू और 40 फीसदी मुस्लिम आबादी है. इसके बावजूद हम यह सीट कई बार से हार रहे हैं. रामपुर में सरकार की योजनाओं से मुस्लिमों को जोड़ा और उन्होंने भाजपा को जिताया. योगी ने कहा कि बिना भेदभाव सरकार की योजनाओं का लाभ सभी को दिलाया जाए.
मर्चेंट चैंबर हॉल में कार्यकर्ताओं ने योगी का स्वागत किया. सीएम योगी की दी नसीहतों को ध्यान से सुना. पेट निकला है, लगता नहीं कि मेहनत करते हो योगी ने बैठक में कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा कि हर एक वोटर के घर तक जाएं. वहीं योगी ने एससी-एसटी मोर्चा के अध्यक्ष राकेश सोनकर से पूछा कि आपके मोर्चे में सभी पद भरे हुए हैं कि नहीं? इस पर राकेश ने कहा- हम क्षेत्र में खूब मेहनत कर रहे हैं. राकेश का पेट अधिक निकला होने पर योगी ने मजाक करते हुए कहा, देखकर नहीं लगता कि आप क्षेत्र में बहुत मेहनत करते हैं. इसके अलावा योगी ने युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, एससी, एसटी मोर्चा समेत सभी पदाधिकारियों से सवाल-जवाब किए. अब बात सीसामऊ विधानसभा सीट की, जो भाजपा मोदी लहर में भी नहीं जीती.
















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