कानपुर में छात्र कुशाग्र कनोडिया हत्याकांड में ट्यूशन टीचर उसके ब्वॉयफ्रेंड और दोस्त को उम्रकैद की सजा हुई है. कुशाग्र के चाचा ने कहा फांसी की मांग के लिए हम हाईकोर्ट जाएंगे.
चाचा ने कहा- मेरा तो बच्चा चला गया. ढाई साल से मैं कोर्ट में दौड़ रहा हूं. मेरे यहां आंसू सूख गए. हत्यारों को फांसी की सजा होनी चाहिए. तभी मेरे बेटे की आत्मा को शांति मिलेगी. पीड़ित पक्ष की ओर से बहस करने वाले एडवोकेट चिन्मय पाठक ने सुप्रीम कोर्ट की दो रूलिंग का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि अपहरण और हत्या का दोषी पाए जाने पर मृत्यु दंड की सजा दी जाए.

मंगलवार को कोर्ट ने तीनों को दोषी करार दिया था। अपर जिला जज 11 सुभाष सिंह की कोर्ट ने तय किया कि ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, प्रेमी प्रभात शुक्ला और उसके दोस्त आर्यन उर्फ शिवा ने मिलकर कुशाग्र को किडनैप किया, फिरौती मांगी और गला घोंटकर मार डाला. साथ ही प्रभात और आर्यन को सबूत मिटाने का भी दोषी माना है. पूरे मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से 14 गवाह पेश किए गए. 30 अक्टूबर 2023 को हाईस्कूल के छात्र कुशाग्र की हत्या हुई थी. 13 जनवरी को आखिरी सुनवाई हुई थी. आज सजा सुनाए जाते समय कुशाग्र के परिजन कोर्ट में मौजूद रहे. सजा का ऐलान होते ही उनकी आंखें डबडबा गईं.
600 पेज की चार्जशीट, 240 पेज की हुई जिरह ADGC भास्कर मिश्रा ने बताया कि पुलिस की ओर से मामले में 600 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी. अभियोजन की ओर से 14 गवाह कोर्ट में पेश किए गए थे.

ट्रायल के दौरान 240 पेज की जिरह हुई, कोर्ट में 42 कागजात साबित कराए गए थे. साथ ही घटना से जुड़ी हुई 112 वस्तुएं पुलिस ने बरामद कराई थी. सीसीटीवी कोर्ट में दिखाए गए, जिसमें प्रभात और कुशाग्र कमरे में जाते दिखे थे.
30 लाख फिरौती का पत्र डालते हुए प्रभात और आर्यन कैद हुए थे, जबकि घटना के समय प्रभात के घर के बाहर आर्यन टहलते हुए दिखा था. 313 के बयान में रचिता ने प्रभात को और प्रभात ने भी रचिता को अपना प्रेमी बताया था.
















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